कलकत्ता हाई कोर्ट ने रीताब्रत बनर्जी की LoP पद पर नियुक्ति पर उठाए सवाल, फैसला सुरक्षित

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पश्चिम बंगाल के मौजूदा राजनीतिक संकट के बीच कलकत्ता हाई कोर्ट ने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) के पद पर रीताब्रत बनर्जी की नियुक्ति को लेकर गंभीर संवैधानिक सवाल उठाए हैं। जस्टिस कृष्णा राव की एकल पीठ ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा दायर याचिका पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। हालांकि, कोर्ट ने फिलहाल इस नियुक्ति पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है, जिससे रीताब्रत बनर्जी अभी इस पद पर बने रहेंगे। [1, 2, 3, 4]

यह कानूनी विवाद विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) रथींद्र बोस के उस फैसले के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से निष्कासित और बागी गुट के नेता रीताब्रत बनर्जी को आधिकारिक तौर पर विपक्ष का नेता मान्यता दी थी।


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