गोवा में योग दिवस पर सियासी घमासान: अनिवार्य अटेंडेंस के सर्कुलर पर भड़की कांग्रेस

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गोवा सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर राज्य के सभी स्कूलों के छात्रों और शिक्षकों के लिए उपस्थिति अनिवार्य करने के फैसले पर सियासी घमासान छिड़ गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस सरकारी सर्कुलर का कड़ा विरोध करते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।

गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (GPCC) ने सरकार के इस आदेश को तानाशाही रवैया करार दिया है। कांग्रेस के मुख्य तर्क निम्नलिखित हैं:

  • निजी स्वतंत्रता का हनन: कांग्रेस का कहना है कि योग एक अच्छी विधा है, लेकिन इसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता। इसमें शामिल होना व्यक्ति की अपनी इच्छा पर निर्भर होना चाहिए।
  • रविवार की छुट्टी पर डाका: इस वर्ष योग दिवस रविवार को पड़ रहा है। कांग्रेस के अनुसार, रविवार का दिन परिवारों के लिए आरक्षित होता है। सरकार का यह फैसला लोगों के निजी पारिवारिक समय में सीधा हस्तक्षेप है।
  • धार्मिक भावनाओं को ठेस: गोवा में एक बड़ी आबादी के लिए रविवार का दिन चर्च जाने और विशेष प्रार्थनाओं का होता है। सुबह 6:00 बजे से पहले उपस्थिति अनिवार्य करने से लोगों की धार्मिक दिनचर्या प्रभावित होगी।

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