सुप्रीम कोर्ट ने जोधपुर रेप केस में आसाराम की ज़मानत याचिका खारिज की

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सुप्रीम कोर्ट ने खुद को भगवान बताने वाले आसाराम बापू को ज़मानत के तौर पर तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया। साथ ही, कोर्ट ने राज्य अधिकारियों से उनकी उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें उन्होंने राजस्थान हाई कोर्ट के उस फ़ैसले को चुनौती दी है, जिसमें 2013 में जोधपुर में एक नाबालिग भक्त के यौन उत्पीड़न के मामले में उनकी सज़ा को बरकरार रखा गया था।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आसाराम की ज़मानत पर फ़ैसला लेने से पहले वह दोनों पक्षों की बात सुनना चाहेगा। 90 साल के आसाराम ने मेडिकल आधार पर सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम ज़मानत मांगी थी और साथ ही अपनी सज़ा को चुनौती भी दी थी।

जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच ने साफ़ किया कि वे राज्य का पक्ष सुने बिना या जब तक आसाराम की सेहत की हालत साफ़ तौर पर ज़मानत की मांग न करे, तब तक ज़मानत देने के पक्ष में नहीं हैं।


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