यूएपीए (UAPA) मामले में तिहाड़ जेल में करीब छह साल बिताने के बाद रिहा हुए उमर खालिद ने अपनी आपबीती सुनाते हुए एक बेहद भावुक बयान दिया है। लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए खालिद ने कहा कि जेल की दीवारों के पीछे और बाहर की दुनिया में चल रही बहसों के बीच लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि वे भी एक हाड़-मांस के इंसान हैं, जिनकी अपनी भावनाएं और परिवार हैं। 

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यूएपीए (UAPA) मामले में तिहाड़ जेल में करीब छह साल बिताने के बाद रिहा हुए उमर खालिद ने अपनी आपबीती सुनाते हुए एक बेहद भावुक बयान दिया है। लंबे समय बाद अपनी चुप्पी तोड़ते हुए खालिद ने कहा कि जेल की दीवारों के पीछे और बाहर की दुनिया में चल रही बहसों के बीच लोग अक्सर यह भूल जाते हैं कि वे भी एक हाड़-मांस के इंसान हैं, जिनकी अपनी भावनाएं और परिवार हैं। 


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