भारत GCCs की सिर्फ़ मेज़बानी ही नहीं, बल्कि उनका नेतृत्व भी करना चाहता है: निर्मला सीतारमण

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भारत का लक्ष्य ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) और दुनिया की नॉलेज इकॉनमी में लीडर बनना है। देश में अब दुनिया के आधे से ज़्यादा GCCs मौजूद हैं, जो एक बड़ी बात है। भारत का फ़ोकस अब सिर्फ़ बड़े पैमाने पर काम करने से हटकर इनोवेशन को बढ़ावा देने और भविष्य की टेक्नोलॉजी को आकार देने पर है। कंपनियाँ लागत कम करने के बजाय इनोवेशन और लंबे समय तक कॉम्पिटिटिव बने रहने को प्राथमिकता दे रही हैं। सरकार भविष्य में GCCs के विकास के लिए एक अनुकूल पॉलिसी इकोसिस्टम बना रही है।


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