परमाणु ऊर्जा निगम (NPCIL) ने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (KNPP) से जुड़े बड़े डेटा लीक मामले में सुरक्षा खतरों को खारिज किया है, और कहा है कि लीक हुई फाइलों का रिएक्टर की मुख्य परिचालन प्रणालियों से कोई संबंध नहीं है।

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परमाणु ऊर्जा निगम (NPCIL) ने कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (KNPP) से जुड़े बड़े डेटा लीक मामले में सुरक्षा खतरों को खारिज किया है, और कहा है कि लीक हुई फाइलों का रिएक्टर की मुख्य परिचालन प्रणालियों से कोई संबंध नहीं है।

 

‘वर्ल्ड लीक्स’ (World Leaks) नामक रैनसमवेयर ग्रुप ने डार्क वेब पर 19,000 से अधिक संवेदनशील फाइलें (लगभग 14.3 GB डेटा) सार्वजनिक कर दी हैं। यह डेटा थर्ड-पार्टी डेटा सेंटर प्रदाता 'योटा' (Yotta) के एक सर्वर से चोरी किया गया था। इस सर्वर का उपयोग रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा किया जा रहा था, जिसे 2018 में कुडनकुलम प्लांट की आगामी यूनिट 3 और 4 के सहायक ढांचे बनाने का ठेका मिला था। रिलायंस ग्रुप ने इस "आंशिक ब्रीच" (partial breach) की पुष्टि की है।


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