पश्चिम बंगाल: CJP की 'लीगल एड' मुहिम के खिलाफ भाजपा ने कोलकाता में किया शक्ति प्रदर्शन

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पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने कोलकाता में राष्ट्रीय झंडों के साथ दो रैलियां कीं, और इसे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और दूसरी “राष्ट्र-विरोधी ताकतों” की तिरंगा यात्रा के खिलाफ “राष्ट्रवादियों” की तिरंगा यात्रा बताया।

कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद देने के लिए शुरू किए गए डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ पश्चिम बंगाल में सियासी पारा चढ़ गया है। पश्चिम बंगाल भाजपा ने इस पहल के विरोध में कोलकाता की सड़कों पर दो विशाल रैलियां आयोजित कीं और CJP की इस मुहिम को 'एंटी-नेशनल' (देशविरोधी) करार दिया।

'अराजकता फैलाने वालों को संरक्षण देने का आरोप'

रैलियों को संबोधित करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने CJP के इरादों पर गंभीर सवाल उठाए। भाजपा के मुख्य आरोप निम्नलिखित हैं:

  • उपद्रवियों को सह: भाजपा का दावा है कि NEET आंदोलन और संसद मार्च के बहाने देश में अराजकता फैलाने वाले तत्वों को CJP कानूनी कवच प्रदान कर रही है।
  • फंडिंग पर सवाल: राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल द्वारा इस वेबसाइट के लीगल फंड के लिए ₹1 करोड़ दिए जाने और '1 रुपये' के सार्वजनिक योगदान के अभियान को भाजपा ने एक सोची-समझी साजिश बताया है।
  • पुलिस का मनोबल गिराने की कोशिश: भाजपा नेताओं ने कहा कि पुलिस कर्मियों के वीडियो और फोटो पोर्टल पर अपलोड कर FIR दर्ज कराने की CJP की योजना सीधे तौर पर सुरक्षा बलों का मनोबल गिराने वाली और देशविरोधी कृत्य है।

कोलकाता की सड़कों पर उतरा विरोध

भाजपा के युवा मोर्चे और कार्यकर्ताओं ने कोलकाता के प्रमुख चौराहों पर मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों के हाथों में CJP और विपक्ष के खिलाफ नारे लिखे बैनर थे। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वे देश की कानून व्यवस्था और सुरक्षा बलों के खिलाफ किसी भी 'डिजिटल टूलकिट' को बंगाल की धरती पर सक्रिय नहीं होने देंगे।

 


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