विवाद के बाद केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने वापस की ₹99 लाख की सब्सिडी

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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) के पदेन (Ex-officio) उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने इसी बोर्ड की एक योजना के तहत राजस्थान में अपने निजी कमर्शियल खीरे के खेत (पॉलीहाउस प्रोजेक्ट) के लिए ₹99 लाख से अधिक की सब्सिडी प्राप्त की थी। अपने ही मंत्रालय के अधीन आने वाले बोर्ड से इतनी बड़ी राशि का लाभ लेने के कारण विपक्ष और मीडिया ने "हितों के टकराव"  का गंभीर मुद्दा उठाया था।

विवाद बढ़ने पर मंत्री भागीरथ चौधरी ने सफाई दी थी कि वे मूल रूप से एक किसान हैं और उन्होंने इसके लिए साल 2018 में ही (मंत्री बनने से पहले) आवेदन किया था। उन्होंने कहा कि पूरा काम पूरी पारदर्शिता के साथ नियमानुसार किया गया था और उन्होंने कुछ भी नहीं छुपाया था।

कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लोकसभा में स्पष्ट किया कि भागीरथ चौधरी ने सब्सिडी की पूरी राशि संबंधित बैंक में वापस जमा करा दी है। इसके बाद सरकार ने बैंक को निर्देश दिए हैं कि वह इस पैसे को दोबारा राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) के खाते में ट्रांसफर कर दे।


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