महाराष्ट्र में प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं में पेपर लीक तथा फर्जीवाड़े की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे के निर्देश पर राज्यभर के विभिन्न जिलों में 23 और विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों (Special Fast-Track Courts) का गठन किया गया है। इससे पहले औरंगाबाद और नागपुर में 2 ऐसी अदालतें अधिसूचित की जा चुकी थीं। ये अदालतें 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024', भारतीय न्याय संहिता (BNS) और राज्य के परीक्षा विरोधी अनुचित साधन कानूनों के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेंगी।

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महाराष्ट्र में प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं में पेपर लीक तथा फर्जीवाड़े की बढ़ती घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र घुगे के निर्देश पर राज्यभर के विभिन्न जिलों में 23 और विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतों (Special Fast-Track Courts) का गठन किया गया है। इससे पहले औरंगाबाद और नागपुर में 2 ऐसी अदालतें अधिसूचित की जा चुकी थीं। ये अदालतें 'लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024', भारतीय न्याय संहिता (BNS) और राज्य के परीक्षा विरोधी अनुचित साधन कानूनों के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई करेंगी।


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