राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय करेंगे ‘कोशल फेब’ प्रीमियम ब्राण्ड का शुभारंभ, बुनकरों एवं हितग्राहियों को करोड़ों रुपये की सहायता और सम्मान राशि का होगा वितरण

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हाथ से बुने वस्त्रों के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, हाथकरघा उद्योग से जुड़े बुनकरों के अमूल्य योगदान का सम्मान करने तथा स्वदेशी आंदोलन की भावना को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 07 अगस्त को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस मनाया जाता है। भारत की सांस्कृतिक विरासत में हाथकरघा का विशेष स्थान है। यह केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, कला, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। छत्तीसगढ़ में हाथकरघा उद्योग हजारों बुनकर परिवारों की आजीविका का आधार होने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। मशीन निर्मित वस्त्रों के बढ़ते प्रचलन के बीच हाथकरघा उद्योग का संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है, जिससे पारंपरिक कला सुरक्षित रहे और लाखों बुनकरों की आजीविका को मजबूती मिल सके।

इसी कड़ी में कल 07 अगस्त 2026 को दीनदयाल ऑडिटोरियम, जी.ई. रोड, रायपुर में राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस का भव्य आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष करेंगे तथा ग्रामोद्योग एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर राज्य हाथकरघा संघ द्वारा तैयार इन्वेंटरी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का प्रस्तुतीकरण एवं शुभारंभ किया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा हाथकरघा संघ के नए प्रीमियम ब्राण्ड ‘कोशल फेब’ का शुभारंभ, ‘बिलासा’ लोगो का विमोचन, राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत बुनकरों की डायरेक्टरी तथा टाई-डाई एवं बांधनी रंगाई से निर्मित वस्त्रों पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण किया जाएगा।
कार्यक्रम में ग्रामोद्योग विभाग के विभिन्न घटकों द्वारा हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि एवं सामग्री का वितरण भी किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य हाथकरघा संघ द्वारा कक्षा 10वीं एवं 12वीं उत्तीर्ण 935 विद्यार्थियों को 81.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा 17 वरिष्ठ बुनकरों को 1.87 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। इसके अलावा मंच से राज्य स्तरीय स्व. बिसाहूदास महंत सर्वश्रेष्ठ बुनकर प्रोत्साहन पुरस्कार वर्ष 2022-23 एवं 2024-25 के लिए चार बुनकरों तथा राजराजेश्वरी करूणा माता हाथकरघा बुनकर प्रोत्साहन पुरस्कार वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के लिए चार बुनकरों को एक-एक लाख रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जाएंगे।

ग्रामोद्योग संचालनालय (हाथकरघा) द्वारा 49 बुनकरों को आवास निर्माण हेतु 2.50-2.50 लाख रुपये की दर से कुल 122.50 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही पांच बुनकर समितियों को भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपये तथा 85 बुनकरों को उन्नत करघे एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए 14.92 लाख रुपये की स्वीकृत राशि का वितरण किया जाएगा।
साईट सेवर्स इंडिया के सहयोग से राज्य में संचालित बुनकर नेत्र परीक्षण अभियान के अंतर्गत अब तक 412 बुनकरों का नेत्र परीक्षण किया जा चुका है, जिनमें से 209 बुनकरों को चश्मे उपलब्ध कराए गए हैं। कार्यक्रम में पात्र बुनकरों को चश्मों का वितरण भी किया जाएगा। वहीं ग्रामोद्योग संचालनालय (रेशम) द्वारा 21 रेशम कृषकों को सिल्क समग्र योजना के अंतर्गत स्वीकृत एक करोड़ पांच लाख रुपये में से चौथी किस्त के रूप में 15 लाख रुपये जारी किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को आठ लाख रुपये की परियोजनाओं के विरुद्ध 2.80 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा काष्ठ, लौह एवं बेलमेटल शिल्प से जुड़े 30 हितग्राहियों को उन्नत उपकरण सहायता योजना के तहत टूल-किट वितरित किए जाएंगे तथा छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड द्वारा 70 पंजीकृत माटीशिल्पियों को विद्युत चाक प्रदान किए जाएंगे। साथ ही जशपुर जिले के ग्राम गोरिया में ग्लेजिंग यूनिट की स्थापना के लिए 2 करोड़ 86 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी जारी की जाएगी।

राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस समारोह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कुशल बुनकरों और हाथकरघा परंपरा को समर्पित एक विशेष फैशन शो का आयोजन भी किया जाएगा। इसमें कोसा सिल्क एवं हैंडवुवन कॉटन की सुंदरता को आधुनिक फैशन के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। इस प्रस्तुति की विशेषता बस्तर की युवा प्रतिभागियों की सहभागिता होगी, जो पेशेवर मॉडलों एवं मिस इंडिया अर्थ 2026 अनुष्का सोने के साथ रैंप साझा करेंगी। यह प्रस्तुति आत्मविश्वास, अवसर और नए छत्तीसगढ़ की सकारात्मक सोच का सशक्त प्रतीक होगी।
राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस के इस राज्य स्तरीय आयोजन में प्रदेश के सभी जिलों से बुनकर सदस्य, हस्तशिल्पी, रेशम कृषक, माटीशिल्पी, खादी एवं ग्रामोद्योग से जुड़े हितग्राही तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।


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