महाराष्ट्र में कैब ड्राइवरों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य, 15 अगस्त की डेडलाइन तय

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राज्य में चलने वाली सभी एग्रीगेटर कैब्स (जैसे ओला, उबर आदि) के ड्राइवरों के लिए अब स्थानीय मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान होना अनिवार्य किया जा रहा है। इस नियम का पालन न करने पर ड्राइवरों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस नए नियम से जुड़े मुख्य बिंदु और बड़े अपडेट नीचे दिए गए हैं: [1]

नए नियम की बड़ी बातें

  • मराठी भाषा अनिवार्य: महाराष्ट्र सरकार के परिवहन विभाग के अनुसार, राज्य में व्यावसायिक वाहन (विशेषकर ऐप-आधारित कैब) चलाने वाले हर ड्राइवर को मराठी भाषा बोलने और समझने का ज्ञान होना चाहिए।
  • 15 अगस्त की डेडलाइन: राज्य के परिवहन मंत्री ने इस नियम के अनुपालन के लिए 15 अगस्त 2026 की अंतिम समय-सीमा तय की है।
  • लाइसेंस होगा सस्पेंड या रद्द: जो ड्राइवर इस समय-सीमा के भीतर इस अनिवार्य शर्त को पूरा करने में विफल रहेंगे या जांच के दौरान मराठी का ज्ञान नहीं होने की पुष्टि होगी, उनका ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड (निलंबित) या पूरी तरह से कैंसल (रद्द) किया जा सकता है। 
  • यात्री सुरक्षा और बेहतर संचार: सरकार का तर्क है कि इस नियम को लागू करने का मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों और स्थानीय यात्रियों के बीच होने वाले संवाद (Communication) को बेहतर बनाना है, जिससे यात्रा के दौरान सुरक्षा और पारदर्शिता को और मजबूत किया जा सके।


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