कोलकाता : नेताजी की मूर्ति के साथ 'तोड़फोड़'

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पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को खंडित किए जाने का एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। हैरान करने वाली बात यह है कि यह घटना मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा महापुरुषों के अपमान पर दी गई कड़ी चेतावनी के 24 घंटे के भीतर ही घटित हो गई। इस बीच, नेताजी पर की गई एक आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा (BJP) सांसद से राज्य का सर्वोच्च पुरस्कार वापस ले लिया है।

न्यू अलीपुर में प्रतिमा खंडित, जांच में जुटी पुलिस
जानकारी के अनुसार, कोलकाता के न्यू अलीपुर इलाके (वार्ड नंबर 81) में स्थापित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का दाहिना हाथ असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया।  स्थानीय निवासियों ने प्रतिमा को क्षतिग्रस्त हालत में देखा, तो इलाके में तनाव फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही कोलकाता पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने नुकसान के हालात का जायजा लेते हुए अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।

BJP सांसद अनंत महाराज से छिना 'बंगा विभूषण' अवार्ड
प्रतिमा से तोड़फोड़ के इस तनावपूर्ण माहौल के बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने नेताजी के खिलाफ की गई एक विवादित टिप्पणी पर बेहद सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की है। सरकार ने भाजपा के राज्यसभा सांसद नागेंद्र राय (अनंत महाराज) को दिया गया राज्य का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'बंगा विभूषण' तत्काल प्रभाव से वापस लेते हुए रद्द कर दिया है। सांसद पर आरोप है कि उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आज़ाद हिंद फ़ौज की भूमिका को लेकर बेहद आपत्तिजनक और विवादित बयान दिया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने इस अपमान पर त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।


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