CAA नियमों में बड़ा बदलाव : जिला कलेक्टरों को मिला सीधे नागरिकता देने का अधिकार

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 के नियमों में एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने 'नागरिकता (तीसरा संशोधन) नियम, 2026' को अधिसूचित करते हुए देश के 8 सीमावर्ती राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जिला कलेक्टरों को शरणार्थियों को सीधे नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करने का अंतिम अधिकार सौंप दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य नागरिकता देने की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाना है। 

गृह मंत्रालय के इस नए आदेश के दायरे में निम्नलिखित राज्य और केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं:

  1. गुजरात
  2. राजस्थान
  3. पंजाब
  4. पश्चिम बंगाल
  5. असम (आदिवासी और अनुसूचित क्षेत्रों को छोड़कर)
  6. त्रिपुरा (आदिवासी और अनुसूचित क्षेत्रों को छोड़कर)
  7. जम्मू और कश्मीर (केंद्र शासित प्रदेश)
  8. लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश)


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