असम : 31 साल पुराने ‘डायन’ हत्याकांड में आया फैसला

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असम की एक स्थानीय अदालत ने 1995 के एक बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाते हुए छह लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला कामरूप (ग्रामीण) जिले में अंधविश्वास और 'डायन'  होने के शक में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या करने से जुड़ा है। 

रंगिया स्थित अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश की अदालत ने यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिससे करीब 31 साल पुराने इस मामले में आखिरकार न्याय हो सका है। 

घटनाक्रम और पूरा मामला 

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह दर्दनाक वारदात 1995 में कामरूप जिले के बैहाटा चारियाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बोरडांगेरीकुची गांव में हुई थी। 

  • बुजुर्ग महिला पर हमला: गांव के ही कुछ लोगों ने 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला मारिया बोरो पर 'काला जादू' या डायन प्रथा का अभ्यास करने का झूठा आरोप लगाया था l
  • क्रूरता की हदें: आरोपियों ने बुजुर्ग महिला पर लाठियों और धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया। इसके बाद, सबूतों को मिटाने और अपनी पहचान छिपाने के उद्देश्य से उन्होंने महिला को जिंदा जला दिया और शव को दफन कर दिया
  • दशकों लंबा इंतजार: कानूनी अड़चनों और विभिन्न कारणों से यह मामला पिछले तीन दशकों (31 साल) से अदालत में लंबित चल रहा था। 

सजा पाने वाले दोषी

 जज मुकुल चेतिया ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद सभी छह आरोपियों को दोषी ठहराया। सजा पाने वाले सभी दोषी एक ही स्थानीय क्षेत्र के निवासी हैं, जिनके नाम निम्नलिखित हैं: 

  • सोनेस्वर बोरो 
  • जंगल बोरो
  • सूरज बोरो 
  • कंदुरा बोरो 
  • हरेश्वर बोरो 
  • धनला बोरो 

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