ब्रिक्स घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा, पीड़ित परिवारों ने PM मोदी का जताया आभार

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नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में 'नई दिल्ली घोषणापत्र' को सर्वसम्मति से अपनाए जाने और उसमें पहलगाम आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा किए जाने का पीड़ित परिवारों ने स्वागत किया है। अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए इस भयानक हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी। वैश्विक मंच पर इस मुद्दे को इतनी प्रखरता से उठाने के लिए पीड़ित परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से आभार व्यक्त किया है। 

ब्रिक्स घोषणापत्र में क्या है खास?

भारत की अध्यक्षता में जारी इस संयुक्त घोषणापत्र के बिंदु संख्या 40 (पेज 45) में सीधे तौर पर पहलगाम हमले का उल्लेख किया गया है। इसे भारत की एक बड़ी कूटनीतिक जीत माना जा रहा है, क्योंकि: 

  • 'जीरो-टॉलरेंस' का आह्वान: घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ 'जीरो-टॉलरेंस' (शून्य सहनशीलता) की नीति अपनाने पर जोर दिया गया है। 
  • दोहरे मापदंडों की खारिज: ब्रिक्स देशों ने आतंकवाद से निपटने में किसी भी प्रकार के दोहरे मापदंड (Double Standards) को पूरी तरह से खारिज किया है। 
  • पनाहगाहों पर कार्रवाई: सीमा पार आतंकवाद, आतंकियों की आवाजाही, टेरर फंडिंग (आतंकी वित्तपोषण) और आतंकियों को सुरक्षित ठिकाने देने वाले देशों के खिलाफ सख्त जवाबदेही तय करने की मांग की गई है। 

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