IIT बॉम्बे छात्र आत्महत्या मामला: आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के समर्थन में उतरे फैकल्टी

feature-top

आईआईटी बॉम्बे और आईआईटी मद्रास के फैकल्टी सदस्यों ने छात्र आत्महत्या मामले में आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का कड़ा बचाव किया है। आईआईटी बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने स्पष्ट किया है कि प्रोफेसर दूल्ला को संस्थान से निलंबित नहीं किया गया है, बल्कि केवल निष्पक्ष जांच के लिए उनके प्रशासनिक पद (डीन) से अस्थायी रूप से मुक्त किया गया है। प्रोफेसर के समर्थन में सोमवार को परिसर में एक मार्च भी निकाला गया। यह पूरा विवाद 22 वर्षीय बीटेक छात्र साहिल वाकोडे की आत्महत्या के बाद शुरू हुआ। 

घटनाक्रम और विवाद 

  • परीक्षा के दौरान का मामला: घटना 18 सितंबर 2026 की है, जब एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के द्वितीय वर्ष के छात्र साहिल वाकोडे को मिड-सेमेस्टर परीक्षा के दौरान कथित तौर पर स्मार्टफोन का अनधिकृत इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। 
  • आत्महत्या: परीक्षा हॉल की घटना के कुछ ही घंटों बाद साहिल अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाए गए।
  • परिजनों का जातिवाद का आरोप: साहिल के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि प्रोफेसर दूल्ला पिछले तीन महीनों से उनके बेटे को प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने इसे संस्थागत प्रताड़ना और जाति आधारित भेदभाव का मामला बताते हुए शिकायत दर्ज कराई। 
  • पुलिस केस (FIR): छात्र के परिवार की शिकायत पर मुंबई पुलिस ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।

feature-top