तमिलनाडु : इस्तीफा देने वाले विधायकों से उपचुनाव का खर्च वसूलने की PIL खारिज

feature-top

इस्तीफा देने वाले विधायकों से उपचुनाव का खर्च वसूलने की मांग वाली जनहित याचिका मद्रास हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है l यह याचिका हाल ही में तमिलनाडु की राजनीति में हुए बड़े घटनाक्रम को लेकर दायर की गई थी। एआईएडीएमके के टिकट पर चुनाव जीतने वाले पी. सत्यभामा (धरमपुरम) और के. मरगथम कुमारवेल (मदुरंतकम) सहित कुछ विधायकों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था और वे अभिनेता से नेता बने विजय की सत्तारूढ़ पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कझगम में शामिल हो गए। इसके बाद टीवीके ने उन्हें उन्हीं सीटों से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। याचिकाकर्ता का तर्क था कि इस तरह दल बदलने और बार-बार चुनाव कराने से जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग होता है।

मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि चुनाव नियमों में इस तरह के बदलाव करने का अधिकार न्यायपालिका के पास नहीं है। कोर्ट ने कहा, "राहत नहीं दी जा सकती। कानून बनाना विधायिका का काम है। हम कानून नहीं बना सकते"।

अदालत ने याद दिलाया कि चुनाव आयोग ने खुद 2004 में यह सिफारिश की थी कि दो सीटों से चुनाव जीतने और एक सीट खाली करने वाले उम्मीदवारों से उपचुनाव का खर्च लिया जाए, लेकिन संसद ने पिछले दो दशकों में इस पर कोई कानून नहीं बनाया।

इस फैसले के बाद तमिलनाडु की मदुरंतकम और धरमपुरम सीटों पर आगामी 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव बिना किसी रुकावट के तय शेड्यूल के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। 


feature-top