भारत और फ्रांस अपनी दशकों पुरानी अंतरिक्ष साझेदारी को एक नए मुकाम पर ले जा रहे हैं। दोनों देश मिलकर 'तृष्णा' नामक एक बेहद आधुनिक सैटेलाइट मिशन पर काम कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य धरती के जल स्रोतों की सटीक मैपिंग करना और वैश्विक जलवायु परिवर्तन की निगरानी करना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी CNES इस प्रोजेक्ट को मिलकर तैयार कर रहे हैं। वर्ष 2026 को 'भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग को और मजबूत किया जा रहा है।

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भारत और फ्रांस अपनी दशकों पुरानी अंतरिक्ष साझेदारी को एक नए मुकाम पर ले जा रहे हैं। दोनों देश मिलकर 'तृष्णा' नामक एक बेहद आधुनिक सैटेलाइट मिशन पर काम कर रहे हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य धरती के जल स्रोतों की सटीक मैपिंग करना और वैश्विक जलवायु परिवर्तन की निगरानी करना है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) और फ्रांस की अंतरिक्ष एजेंसी CNES इस प्रोजेक्ट को मिलकर तैयार कर रहे हैं। वर्ष 2026 को 'भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष सहयोग को और मजबूत किया जा रहा है।


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