जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम  को बर्खास्त कर दिया है। बिमोल अकोइजाम जेएनयू के 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स' में प्रोफेसर होने के साथ-साथ इनर मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के मौजूदा लोकसभा सांसद भी हैं।

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने यौन उत्पीड़न के आरोपों में घिरे प्रोफेसर अंगोमचा बिमोल अकोइजाम  को बर्खास्त कर दिया है। बिमोल अकोइजाम जेएनयू के 'सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ सोशल सिस्टम्स' में प्रोफेसर होने के साथ-साथ इनर मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के मौजूदा लोकसभा सांसद भी हैं।

विश्वविद्यालय की आंतरिक समिति द्वारा उन्हें गंभीर और अनैतिक व्यवहार का दोषी पाए जाने के बाद, जेएनयू की कुलपति शांतिश्री डी. पंडित के हस्ताक्षर वाले इस तत्काल निष्कासन आदेश को जारी किया गया।

जेएनयू द्वारा तय किए गए 9 मुख्य आरोप

आंतरिक समिति की विस्तृत जांच में कम से कम 11 छात्राओं द्वारा लगाए गए 9 विशिष्ट आरोपों को सही पाया गया। इन आरोपों में प्रोफेसर द्वारा बार-बार किए जाने वाले गैर-पेशेवर और अनुचित व्यवहार का विवरण है। आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, साबित हुए आरोपों की सूची इस प्रकार है:

  1. अपमानजनक और निजी सवाल पूछना: शैक्षणिक बातचीत के दौरान छात्राओं से यौन संकेत वाले बेहद निजी सवाल पूछना, जैसे— "क्या तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है? तुम अपने बॉयफ्रेंड के साथ क्या-क्या गतिविधियां (एक्टिविटी) करती हो?" और "मेरी उम्र के किसी व्यक्ति द्वारा तुम्हारी उम्र के किसी व्यक्ति को पसंद करने पर तुम्हारी क्या राय है?"
  2. यौन रूप से सांकेतिक बातें: कक्षाओं और मौखिक परीक्षाओं (Viva) के दौरान अश्लील और भद्दे कमेंट्स करना।
  3. नंबरों के बदले अनुचित मांग: छात्राओं को परीक्षाओं में अधिक नंबर देने के बदले में यौन संबंधी अनुचित लाभ या संबंध बनाने की मांग करना।
  4. बिना सहमति के छूना: छात्राओं के साथ उनकी मर्जी के बिना शारीरिक संपर्क (फिजिकल कॉन्टैक्ट) बनाने की कोशिश करना।
  5. अश्लील फिल्म दिखाना: छात्राओं के सामने अनुचित रूप से एक अश्लील (Sexually Explicit) फिल्म प्रदर्शित करना।
  6. जबरन शारीरिक निकटता बढ़ाना: गाइडेंस या पढ़ाई की चर्चा के बहाने शारीरिक सीमाओं का उल्लंघन करना।
  7. कैंपस आवास पर बुलाना: छात्राओं को कैंपस में स्थित अपने आधिकारिक निवास पर अनौपचारिक बैठकों के बहाने बुलाना और वहां अनुचित व्यवहार करना।
  8. अमर्यादित अनौपचारिक व्यवहार: शिक्षक और छात्र के बीच की स्थापित पेशेवर और नैतिक मर्यादाओं को पूरी तरह से लांघना।
  9. लगातार उत्पीड़न का माहौल: यह कोई एक अकेली घटना नहीं थी, बल्कि प्रोफेसर द्वारा लगातार ऐसा माहौल बनाया जा रहा था जिससे छात्राएं असुरक्षित महसूस करें।

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