ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से नाम गायब होने पर चुनाव आयोग की सफाई, बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

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भारतीय चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि विशेष गहन संशोधन (SIR) के प्रारूप वोटर लिस्ट में नाम न होने का यह अर्थ बिल्कुल नहीं है कि नाम को हमेशा के लिए हटा (Delete) दिया गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ के समक्ष चुनाव आयोग के कानूनी वकील ने इस संशोधन प्रक्रिया की पारदर्शिता का बचाव किया। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद, जस्टिस वाल्मीकि मेनेजेस और जस्टिस अमित जामसांडेकर की खंडपीठ ने इस मामले पर अपना अंतिम फैसला सुरक्षित रख लिया है।


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