पंजाब : AAP विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को अकाल तख्त ने घोषित किया ‘तनखाहिया’

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सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था अकाल तख्त ने आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा को 'तनखाहिया' (धार्मिक कदाचार का दोषी) घोषित किया है। अमृतसर में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज के नेतृत्व में पांच सिख सिंह साहबान (पुजारियों) की बैठक में यह कड़ा फैसला लिया गया। अकाल तख्त ने सिख समुदाय को आदेश दिया है कि वे लुधियाना जिले के पायल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधायक ग्यासपुरा से किसी भी तरह का संबंध न रखें। 

'आप' विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल एक ज्ञापन सौंपने अकाल तख्त सचिवालय पहुंचा था। वहां मौजूद 12 अन्य विधायकों को तो भीतर जाने की अनुमति मिल गई, लेकिन ग्यासपुरा को गेट पर ही रोक दिया गया। उन पर पूर्व में जत्थेदार और सिख संस्थाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां करने का आरोप था।

अंदर जाने से रोके जाने से नाराज ग्यासपुरा ने मीडिया और सोशल मीडिया पर बयान जारी कर दावा किया कि उन्हें उनके दलित समुदाय से होने के कारण अकाल तख्त में प्रवेश नहीं दिया गया।

अकाल तख्त और दरबार साहिब प्रबंधन ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सिख धर्म में जातिवाद के लिए कोई स्थान नहीं है। अकाल तख्त ने आरोप लगाया कि ग्यासपुरा ने सिख संस्थाओं की छवि को वैश्विक स्तर पर धूमिल करने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए जानबूझकर जाति कार्ड का इस्तेमाल किया है।


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