भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की योजना संबंधी खबरें असत्य एवं भ्रामक

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  • भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की योजना संबंधी खबरें असत्य एवं भ्रामक
  • अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील

 भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) ने सोशल मीडिया तथा कुछ प्रिंट मीडिया प्रकाशनों में भिलाई इस्पात संयंत्र को बेचने की योजना के संबंध में प्रसारित हो रही खबरों को असत्य एवं भ्रामक बताया है। इस्पात मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से इन दावों का खंडन किया है। साथ ही, प्रेस सूचना ब्यूरो (पीआईबी) की फैक्ट चेक इकाई ने भी इन खबरों को झूठा और निराधार बताया है। भिलाई इस्पात संयंत्र ने अपने कर्मचारियों, हितधारकों तथा छत्तीसगढ़ की जनता से अपील की है कि वे ऐसी अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे प्रसारित करें। सभी से अनुरोध है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले आधिकारिक एवं प्रमाणित स्रोतों से उसकी पुष्टि अवश्य करें। भिलाई इस्पात संयंत्र केवल एक औद्योगिक प्रतिष्ठान नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की पहचान, गौरव और औद्योगिक विरासत का अभिन्न अंग है। अपनी स्थापना के बाद से ही संयंत्र ने राज्य के औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसने रोजगार के अवसर सृजित किए हैं, सहायक उद्योगों को प्रोत्साहन दिया है तथा हजारों परिवारों की आजीविका में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसकी गौरवशाली विरासत और उल्लेखनीय योगदान ने इसे छत्तीसगढ़ की जनता के गौरव का प्रतीक बनाया है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) की एक प्रमुख इकाई के रूप में भिलाई इस्पात संयंत्र देश के इस्पात क्षेत्र की प्रगति तथा भारत की औद्योगिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने में निरंतर योगदान दे रहा है। जनता से अपील है कि वे सतर्कता बरतें, आधिकारिक माध्यमों से सूचनाओं की पुष्टि करें तथा ऐसी भ्रामक जानकारी फैलाने से बचें, जिससे कर्मचारियों, उनके परिवारों और छत्तीसगढ़ की जनता के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


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