RSS के 100वें स्थापना दिवस पर मोहन भागवत का बड़ा बयान

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने संघ के 100वें स्थापना दिवस के मौके पर देश और दुनिया की मौजूदा राजनीतिक व सामाजिक स्थिति पर खुलकर बात की।

नागपुर में आयोजित विजयादशमी उत्सव में स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए भागवत ने विदेशी ताकतों, 'शासन परिवर्तन' के खतरों और देश की आंतरिक एकता को लेकर कड़ा संदेश दिया। देश में चल रही 'शासन परिवर्तन' की राजनीतिक बहस के बीच आरएसएस प्रमुख ने बांग्लादेश और नेपाल के ताजा हालातों का हवाला देते हुए एक बड़ा बयान दिया।

उन्होंने आगाह करते हुए कहा: "सिर्फ शासन परिवर्तन करने से किसी भी देश की समस्याएं नहीं सुलझतीं। जो लोग अपने स्वार्थ के पोषण के लिए हिंसक आंदोलनों और अस्थिरता को बढ़ावा दे रहे हैं, वे देश के लोकतांत्रिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं।"

भागवत ने यह भी आरोप लगाया कि फ्रांस और अल्बानिया जैसी विदेशी घटनाओं की तरह, कुछ बाहरी ताकतें भारत की सामाजिक एकजुटता को तोड़ने और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही हैं।


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