JNUSU की 17 दिन की भूख हड़ताल खत्म, प्रशासन ने मानीं छात्रों की कई मांगें

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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) के सदस्यों ने अपनी 17 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दी है।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा छात्रों की कई मुख्य मांगों को स्वीकार करने और एक समिति के माध्यम से अन्य मुद्दों पर विचार करने के आश्वासन के बाद यह फैसला लिया गया।

छात्रों का यह 17 दिवसीय विरोध प्रदर्शन प्रशासनिक, शैक्षणिक और बुनियादी ढांचे से जुड़ी कई शिकायतों को लेकर था:

अनुशासनात्मक नीतियां: मनमानी प्रॉक्टोरियल जांच को रद्द करना और मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय (CPO) मैनुअल के आपत्तिजनक क्लॉज को वापस लेना।

प्रवेश और अनुसंधान: पीएचडी (PhD) प्रवेश के लिए जेएनयू प्रवेश परीक्षा (JNUEE) को फिर से बहाल करना और थीसिस जमा करने से पहले पीएचडी शोधकर्ताओं को हॉस्टल खाली करने से रोकना।

वित्तीय और ढांचागत सहायता: 'मीन्स-कम-मेरिट' (MCM) छात्रवृत्ति को बढ़ाकर ₹5,000 करना और कैंपस के हॉस्टलों के बुनियादी ढांचे में सुधार करना।

कैंपस सुरक्षा और न्याय: यौन उत्पीड़न के खिलाफ लैंगिक संवेदीकरण समिति (GSCASH) का पुनर्गठन करना और रोहित एक्ट के दिशानिर्देशों के तहत 'इक्वल अपॉर्चुनिटी सेल' की स्थापना करना।


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