- Home
- DPR Chhattisgarh
- रायपुर
- द्वीप्ति योजना से छत्तीसगढ़ की 801 महिलाएं बनेंगी सौर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई पहचान
द्वीप्ति योजना से छत्तीसगढ़ की 801 महिलाएं बनेंगी सौर ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई पहचान
- प्रदेश में 801 सोलर दीदियां चिन्हांकित, 19 महिला संकुल संगठन बने सोलर वेंडर, 94 सोलर सिस्टम स्थापित
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं बन रहीं ऊर्जा उद्यमी, 415 सोलर स्थापना के प्रकरण प्रक्रियाधीन
छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं अब स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रही हैं। कभी स्व-सहायता समूहों के माध्यम से पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से जुड़ी महिलाएं अब सौर ऊर्जा जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित ‘द्वीप्ति योजना’ (DWEEPTI) ग्रामीण महिलाओं को ऊर्जा उद्यमी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ की महिलाओं को सोलर दीदी के रूप में तैयार किया जा रहा है। ये महिलाएं गांव-गांव सौर ऊर्जा का उजियारा पहुंचाने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई राह पर आगे बढ़ रही हैं।
प्रदेश में अब तक बिहान मिशन से जुड़ी 801 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में चिन्हांकित किया गया है। वहीं 19 संकुल स्तरीय संगठनों (सीएलएफ) का सोलर वेंडर के रूप में पंजीयन किया जा चुका है। राज्य के विभिन्न जिलों में 94 सोलर सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं तथा 415 सोलर स्थापना के प्रकरण प्रक्रियाधीन हैं। यह प्रगति दर्शाती है कि ग्रामीण महिलाओं के नेतृत्व में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की यह पहल अब धरातल पर आकार ले रही है।
महिलाएं अब केवल हितग्राही नहीं, बल्कि बनेंगी ऊर्जा उद्यमी
द्वीप्ति योजना का पूरा नाम ‘डिसेंट्रलाइज्ड वूमेन एम्पावरमेंट ऑन एनर्जी एंड पॉलिसी फॉर ट्रांसफॉर्मेटिव इन्क्लूजन’ है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा तकनीकी सहयोगी संस्था ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के साथ ग्रीन इकोनॉमी ट्रांजिशन मिशन के अंतर्गत विकसित इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की मुख्यधारा से जोड़ना है।
योजना की विशेषता यह है कि इसमें महिलाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वाली हितग्राही नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा क्षेत्र में वेंडर, तकनीशियन, प्रबंधक और उद्यमी के रूप में विकसित किया जा रहा है। महिला स्व-सहायता समूहों के संकुल स्तरीय संगठनों को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कर उन्हें व्यवसाय संचालन का अवसर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए पारंपरिक आजीविका से आगे बढ़कर तकनीक आधारित रोजगार के नए द्वार खुल रहे हैं।
इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने के साथ महिलाओं को स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। महिला संकुल संगठनों को उद्यम के रूप में विकसित कर उन्हें सोलर सिस्टम की स्थापना, संचालन और रखरखाव जैसी सेवाओं से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लखपति दीदी के संकल्प को आगे बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास है।
कबीरधाम से मिली नई दिशा, सोलर दीदियों ने संभाली तकनीकी जिम्मेदारी
द्वीप्ति योजना के प्रारंभिक क्रियान्वयन में कबीरधाम जिला एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है। जिले में बिहान मिशन के अंतर्गत कवर्धा के वंदेमातरम् महिला संकुल स्तरीय संगठन को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत किया गया है। यहां स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर सोलर दीदी के रूप में तैयार किया गया।
जिले के ग्राम समनापुर में इस पहल के अंतर्गत शुरुआती रूफटॉप सोलर सिस्टम की स्थापना की गई। प्रगति आजीविका ग्राम संगठन के अंतर्गत माता भवानी स्व-सहायता समूह की सदस्य श्रीमती अंजनी पटेल भी इस प्रशिक्षण से लाभान्वित होने वाली महिलाओं में शामिल हैं। उनके लिए सौर ऊर्जा के क्षेत्र में काम करने का अवसर आजीविका की नई उम्मीद लेकर आया है। यह पहल अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी तकनीकी कार्यों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दे रही है।
कबीरधाम में सोलर पैनल स्थापना से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से प्रति सोलर दीदी को प्रत्येक स्थापना पर 500 से 1000 रुपए तक आय होने का अनुमान है। वहीं महिला संकुल संगठन के लिए भी अतिरिक्त आमदनी के अवसर विकसित किए जा रहे हैं।
सोलर पैनल स्थापना से लेकर तकनीकी सेवाओं तक महिलाओं की भागीदारी
योजना के अंतर्गत सोलर दीदियों को सौर ऊर्जा के लाभ, हितग्राहियों का पंजीयन, सोलर सिस्टम की स्थापना, बुनियादी तकनीकी जानकारी और रखरखाव से संबंधित कार्यों से जोड़ा जा रहा है। ये महिलाएं ग्रामीण परिवारों को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपलब्ध सब्सिडी, बिजली बिल में संभावित बचत और सोलर पैनल स्थापना की प्रक्रिया की जानकारी भी दे रही हैं।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड तथा जिला प्रशासन के सहयोग से महिला संकुल संगठनों का वेंडर पंजीयन और तकनीकी क्षमता विकास किया जा रहा है। वहीं बिहान मिशन के माध्यम से हितग्राहियों को वित्तीय सहायता और बैंक ऋण की प्रक्रिया में सहयोग देने की व्यवस्था भी विकसित की जा रही है।
हर घर रोशनी, हर हाथ रोजगार की अवधारणा को मिल रहा विस्तार
द्वीप्ति योजना महिला सशक्तिकरण और स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार को एक साथ जोड़ने का अभिनव प्रयास है। इससे जहां ग्रामीण परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने में सहायता मिल रही है, वहीं महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर भी विकसित हो रहे हैं। महिला संकुल संगठनों का वेंडर के रूप में आगे आना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण संकेत है।
छत्तीसगढ़ की सोलर दीदियों की यह पहल केवल घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के सपनों को नई उड़ान देने का माध्यम बन रही है। जिन हाथों ने अब तक परिवार और आजीविका की जिम्मेदारियां संभालीं, वे अब आधुनिक तकनीक से जुड़कर गांवों को ऊर्जा आत्मनिर्भर बनाने में योगदान दे रहे हैं। द्वीप्ति योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ महिला नेतृत्व, हरित रोजगार और स्वच्छ ऊर्जा आधारित ग्रामीण विकास का नया अध्याय लिखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
About Babuaa
Categories
Contact
0771 403 1313
786 9098 330
babuaa.com@gmail.com
Baijnath Para, Raipur
© Copyright 2019 Babuaa.com All Rights Reserved. Design by: TWS
- ज़रा हटके
- टॉप न्यूज़
- एंटरटेनमेंट
- लाइफस्टाइल
- विचार
- ऐतिहासिक
- खेल
- राजनीति
- देश-विदेश
- फोटोज़
- वीडियोस
- लेख
- संपादक की पसंद
- Research
- DPR Chhattisgarh
- West Bengal Election Result Update
- Assam Election Result Update
- Tamilnadu Election Result Update
- Kerala Election Result Update
- Puducherry Election Result Update
- राज्य
