बंगाल की खाड़ी में दूसरा चक्रवाती तूफान 'मुरसु' बनने की तैयारी

feature-top

बंगाल की खाड़ी में बना गहरा अवसाद अगले छह घंटों में चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, तूफान का नाम 'मुरसु' (Murasu) रखा जाएगा, जो भारत द्वारा प्रस्तावित तमिल शब्द है और इसका अर्थ ढोल या नगाड़ा होता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है और 2 नवंबर तक भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके 3 नवंबर की सुबह नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र प्रदेश तट से टकराने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है, जबकि ओडिशा के दक्षिणी जिलों में 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। समुद्र में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी गई है।


feature-top