दिल्ली की जहरीली हवा के पीछे पराली जलाने का नया तरीका, सैटेलाइट डेटा से खुलासा

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दिल्ली की हवा में प्रदूषण बढ़ने के पीछे पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के समय में बदलाव को एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। सैटेलाइट डेटा के अनुसार, किसान कथित तौर पर नासा के निगरानी उपग्रहों से बचने के लिए दोपहर 3 बजे के बाद और शाम को पराली जला रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में दोपहर बाद होने वाली आग की घटनाएं केवल 3% थीं, जो इस साल बढ़कर 90% से अधिक हो गई हैं।

भारत के INSAT-3DS उपग्रह ने भी शाम के समय आग की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की है। 1 नवंबर तक शाम को दर्ज होने वाली बड़ी आग की घटनाओं की संख्या 17 से बढ़कर 90 तक पहुंच गई। इस बीच, 31 अक्टूबर और 1 नवंबर को उत्तर-पश्चिमी हवाएं पराली का धुआं दिल्ली की ओर लेकर आईं। रात में कम तापमान और हवा की कम ऊंचाई के कारण प्रदूषक जमीन के करीब जमा हो गए, जिससे दिल्ली का AQI 300 के पार पहुंचकर 'बहुत खराब' श्रेणी में आ गया।


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