CJP की रत्ना सिंह के खिलाफ क्रिमिनल कंटेम्प्ट की मंजूरी, दिल्ली हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

feature-top

CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने को दिल्ली सरकार ने मंजूरी दे दी है। अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता अमोल सिन्हा ने 2 नवंबर को कंटेम्प्ट ऑफ कोर्ट्स एक्ट, 1971 की धारा 15(2) के तहत दिल्ली हाईकोर्ट में मामला ले जाने के लिए सहमति दी।

यह मामला साकेत कोर्ट के मजिस्ट्रेट अभिनव पांडे के खिलाफ रत्ना सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा है। उन्होंने जज पर 'मास्टर के इशारे पर काम करने' और सुनवाई के दौरान कानून लागू किए बिना आदेश देने का आरोप लगाया था। दरअसल, मजिस्ट्रेट ने कथित हिरासत को लेकर पुलिस के खिलाफ FIR दर्ज करने की उनकी मांग खारिज कर दी थी।

अधिवक्ता कौशिक चटर्जी की शिकायत पर दी गई कानूनी राय में कहा गया कि ये टिप्पणियां प्रथम दृष्टया अदालत की प्रतिष्ठा और न्यायिक स्वतंत्रता को प्रभावित कर सकती हैं। हालांकि, दिल्ली पुलिस और स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट व्यवस्था के खिलाफ उनकी अन्य टिप्पणियों को आपराधिक अवमानना नहीं माना गया है। अंतिम फैसला दिल्ली हाईकोर्ट करेगा।


feature-top