कोरोना काल में लॉकडाउन की वजह से कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी राशन की दुकानें खुलने का समय कम किया गया है। 15 मई को खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी राज्यों को एक एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत सरकारी राशन की दुकानों को महीने में हर रोज खोलने के लिए कहा गया है। साथ ही दुकानें खोले जाने का समय भी बढ़ाया जा रहा है, क्योंकि समय कम होने की वजह से बहुत से लोग अपना राशन लेने दुकानों पर समय से नहीं जा पा रहे थे। ऐसे में उनके हित को देखते हुए दुकानों को पूरे दिन खोलने का फैसला किया गया है। इस तरह लोग पूरे दिन में अलग-अलग समय पर आकर अपना राशन ले सकेंगे और भीड़ भी जमा नहीं होगी।

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कोरोना काल में लॉकडाउन की वजह से कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सरकारी राशन की दुकानें खुलने का समय कम किया गया है। 15 मई को खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने सभी राज्यों को एक एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत सरकारी राशन की दुकानों को महीने में हर रोज खोलने के लिए कहा गया है। साथ ही दुकानें खोले जाने का समय भी बढ़ाया जा रहा है, क्योंकि समय कम होने की वजह से बहुत से लोग अपना राशन लेने दुकानों पर समय से नहीं जा पा रहे थे। ऐसे में उनके हित को देखते हुए दुकानों को पूरे दिन खोलने का फैसला किया गया है। इस तरह लोग पूरे दिन में अलग-अलग समय पर आकर अपना राशन ले सकेंगे और भीड़ भी जमा नहीं होगी।

ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि कोरोना काल में सरकारी राशन की दुकानों पर भी सोशल डिस्टेंसिंग को लागू किया जा सके। सभी राज्यों से कहा गया है कि वह इस संबंध में जरूरी कदम उठाएं, ताकि कोरोना के सभी प्रोटोकॉल्स का पालन करते हुए लाभार्थियों को राशन मुहैया कराया जा सके। सभी राज्यों को ये भी आदेश दिया गया है कि तमाम मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए जन-जन तक ये सूचना पहुंचाई जाए।

भारत सरकार ने कोरोना की दूसरी लहर के बीच गरीबों के हित के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें से एक है उनके लिए मुफ्त राशन की सुविधा। प्रधानमंत्री कल्याण अन्न योजना के तहत प्रति व्यक्ति नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट में आने वाले लाभार्थियों को मई-जुन में प्रति व्यक्ति 5 किलो के हिसाब से राशन दिया जा रहा है। इससे करीब 80 करोड़ गरीबों को फायदा पहुंचेगा।


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