उच्चतम न्यायालय में दाखिल एक याचिका में कहा गया है कि जनसंख्या विस्फोट देश में अनेक समस्याओं की ‘मूल वजह’ है लेकिन केंद्र ने इस समस्या से निपटने के लिए आज तक कोई कठोर कानून बनाने के लिए उचित कदम नहीं उठाये हैं।

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उच्चतम न्यायालय में दाखिल एक याचिका में कहा गया है कि जनसंख्या विस्फोट देश में अनेक समस्याओं की ‘मूल वजह’ है लेकिन केंद्र ने इस समस्या से निपटने के लिए आज तक कोई कठोर कानून बनाने के लिए उचित कदम नहीं उठाये हैं।

एक जनहित याचिका पर केंद्र के जवाब के प्रत्युत्तर (रिजॉइंडर) में भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने कहा कि केंद्र ने अपनी जनता पर परिवार नियोजन थोपने का तथा निश्चित संख्या में संतान रखने के लिए कोई दबाव बनाने का स्पष्ट रूप से विरोध किया है क्योंकि इससे जनसांख्यिकी विरूपण हो सकता है।


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