ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हर एथलीट का सपना होता है मेडल जीतना। जीत हासिल करने वाले एथलीटों को पोडियम पर मेडल पहनाया जाता है। यह लम्हा उनके जीवन का सबसे यादगार पल भी बन जाता है। लेकिन, कोरोना महामारी के कारण टोक्यो ओलिंपिक में ऐसा नहीं होगा। इस बार विजेता एथलीटों को खुद ही अपने गले में मेडल डालना होगा। साथ ही मेडल सेरेमनी के दौरान एथलीटों के हाथ मिलाने और गले मिलने पर पर रोक होगी।

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ओलिंपिक में हिस्सा लेने वाले हर एथलीट का सपना होता है मेडल जीतना। जीत हासिल करने वाले एथलीटों को पोडियम पर मेडल पहनाया जाता है। यह लम्हा उनके जीवन का सबसे यादगार पल भी बन जाता है। लेकिन, कोरोना महामारी के कारण टोक्यो ओलिंपिक में ऐसा नहीं होगा। इस बार विजेता एथलीटों को खुद ही अपने गले में मेडल डालना होगा। साथ ही मेडल सेरेमनी के दौरान एथलीटों के हाथ मिलाने और गले मिलने पर पर रोक होगी।

इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी के प्रेसिडेंट थॉमस बाक ने बुधवार को प्रजेंटेशन सेरेमनी की नई एसओपी की घोषणा की। उन्होंने कहा, ‘विजेता एथलीटों को मेडल ट्रे में दिए जाएंगे। यहां से उन्हें खुद ही मेडल पहनना होगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जो व्यक्ति मेडल को ट्रे में रखेगा वह डिसइनफेक्टेड ग्लव्स पहना हो। प्रजेंटर और एथलीट का इस दौरान मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इस दौरान न तो हैंड शेक होगा और न ही गले मिलने की छूट होगी।’


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