छत्तीसगढ़ में किसानों को खाद के लिए भूपेश सरकार भटका रही है ।वितरण अव्यवस्था से कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे किसान बाजार से ऊंची कीमत पर नगदी देकर खाद खरीदने मजबूर हैं किसान है ।

feature-top

छत्तीसगढ़ में किसानों को खाद के लिए भूपेश सरकार भटका रही है ।वितरण अव्यवस्था से कालाबाजारी को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे किसान बाजार से ऊंची कीमत पर नगदी देकर खाद खरीदने मजबूर हैं किसान है ।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी जी ने कहा कि खाद की जरूरत का सही अंदाजा होने के बावजूद राज्य सरकार कोई राहत नहीं देकर छोटे किसानों को साहूकारों के चंगुल में फंसा रही है ।छत्तीसगढ़ में किसान खाद की किल्लत से परेशान होकर सड़क पर आने को मजबूर हो रहे हैं, किसानों द्वारा कई जगहों पर किया जा रहा चक्का जाम ये बताता है कि राज्य सरकार किसानों की परेशानियों से कितना सरोकार रखती है ।

छत्तीसगढ़ की सभी जिलों में भंडारण लक्ष्य पूरा नहीं होने पर भी सरकार के पास उर्वरक खाद की इतनी कोई कमी नहीं है,फिर भी अधिकांश सोसाइटीयों में खाद की कमी बताकर किसानों को भटकाया जा रहा है ।

आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कोमल हुपेंडी ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र से आर्थिक सहायता की मांग का मेमोरंडम भेजने की बात कह कर किसानों को गुमराह करने का काम कर रही है । छत्तीसगढ़ में खंड व अल्पवर्षा के कारण कई तहसीलों में सूखे की स्थिति बन रही है ।प्रदेश की लगभग आधी तहसीलों में औसत से भी कम वर्षा दर्ज की गई है । ऊपर से खाद की कमी के कारण किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है । 

ऐसी परिस्थिति में किसानों को सही समय पर खाद का इंतजाम करने के लिए बाजार से खरीदने के अलावा कोई विकल्प नहीं बच रहा, जिससे खाद की कीमत भी बढ़ गई है । समिति से खाद मिल जाने की आस में बैठे किसानों को अब खाद खरीदने के लिए नगद राशि का इंतजाम करना पड़ रहा है जिससे कई छोटे किसान ब्याज के चक्रव्यूह में भी फंस जा रहे हैं ।

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने भूपेश सरकार से सवाल पूछा है की क्या मुख्यमंत्री के खेतों में खाद की आपूर्ति से पूरे राज्य में किसानों को खाद मिल जायेगा??

आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ किसानों के साथ खड़ी है और जल्द ही समय रहते अगर खाद की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो पार्टी इसके लिए फिर से किसानों के साथ जमीनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रही है।


feature-top