इंडिया पोस्ट ने एक बयान में कहा है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और ईमेल/एसएमएस के माध्यम से छोटे यूआरएल/लघु यूआरएल वाले विभिन्न यूआरएल/वेबसाइटों को देखा जा रहा है, जो सरकारी सब्सिडी प्रदान करने का दावा करते हैं।

feature-top

इंडिया पोस्ट ने एक बयान में कहा है कि हाल के दिनों में सोशल मीडिया जैसे व्हाट्सएप, टेलीग्राम, इंस्टाग्राम और ईमेल/एसएमएस के माध्यम से छोटे यूआरएल/लघु यूआरएल वाले विभिन्न यूआरएल/वेबसाइटों को देखा जा रहा है, जो सरकारी सब्सिडी प्रदान करने का दावा करते हैं।


feature-top