छत्तीसगढ़ में कंवर समाज मुख्यतः सरगुजा तथा बिलासपुर संभाग में पाए जाते हैं। हालांकि इनकी उपस्थिति पूरे प्रदेश में है। कंवर समाज खुद को कौरवों का वंशज मानते हैं।

कंवर गौरव' सम्मान समारोह

feature-top

छत्तीसगढ़ में कंवर समाज मुख्यतः सरगुजा तथा बिलासपुर संभाग में पाए जाते हैं। हालांकि इनकी उपस्थिति पूरे प्रदेश में है। कंवर समाज खुद को कौरवों का वंशज मानते हैं।

 

 इस जनजाति के प्रमुख देवता "सगराखंड" हैं । ऐसा माना जाता है कि कंवर जनजाति का मुख्य कार्य सैन्य कार्य है। इस जनजाति का प्रमुख नृत्य "बार नृत्य" है जो मनोरंजन के अवसरों पर किया जाता है।

 

समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय, ननकीराम कंवर, श्री नंदकुमार साय, श्री चिंतामणि महाराज भी उपस्थित हैं|


feature-top