रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने इस बात पर सहमति जताई कि अगर उनमें से किसी पर हमला होता है तो वे तत्काल सैन्य सहायता प्रदान करेंगे। इस तरह शीत युद्ध के समय से चले आ रहे एक समझौते को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे अमेरिका और उसके साझेदारों में बेचैनी पैदा होने की संभावना है।

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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन ने इस बात पर सहमति जताई कि अगर उनमें से किसी पर हमला होता है तो वे तत्काल सैन्य सहायता प्रदान करेंगे। इस तरह शीत युद्ध के समय से चले आ रहे एक समझौते को पुनर्जीवित किया गया है, जिससे अमेरिका और उसके साझेदारों में बेचैनी पैदा होने की संभावना है।

पुतिन की 24 वर्षों में उत्तर कोरिया की पहली यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए। किम ने इस समझौते को दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित “सबसे शक्तिशाली संधि” कहा और कहा कि यह उनके संबंधों को गठबंधन के स्तर तक ले जाती है।


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