केरल सरकार ने केंद्र के खिलाफ दायर अपने मुकदमे की सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के गठन की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मुकदमे में केंद्र सरकार द्वारा उधार लेने की सीमा तय करने का मुद्दा उठाया गया है। राज्य सरकार ने सवाल उठाया है कि क्या किसी राज्य को केंद्र सरकार और अन्य स्रोतों से उधार लेने की सीमा बढ़ाने का "लागू करने योग्य अधिकार" है।

feature-top

केरल सरकार ने केंद्र के खिलाफ दायर अपने मुकदमे की सुनवाई के लिए पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के गठन की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मुकदमे में केंद्र सरकार द्वारा उधार लेने की सीमा तय करने का मुद्दा उठाया गया है। राज्य सरकार ने सवाल उठाया है कि क्या किसी राज्य को केंद्र सरकार और अन्य स्रोतों से उधार लेने की सीमा बढ़ाने का "लागू करने योग्य अधिकार" है।

मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ को राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने बताया कि इस मामले को 1 अप्रैल को संविधान पीठ के पास भेज दिया गया था और शीर्ष अदालत के अधिकारी पीठ के गठन के लिए ईमेल नहीं भेज रहे हैं। 


feature-top