केरल उच्च न्यायालय ने हेमा समिति की रिपोर्ट के निष्कर्षों पर कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उसके पास चार साल से रिपोर्ट को दबाए रखने के अलावा कुछ नहीं है। उच्च न्यायालय ने कहा कि वह राज्य सरकार की “निष्क्रियता” से हैरान है और उसने पुलिस को “पूरी रिपोर्ट को देखने” और “रिपोर्ट में कोई अपराध पाए जाने पर कार्रवाई करने” का निर्देश दिया।

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केरल उच्च न्यायालय ने हेमा समिति की रिपोर्ट के निष्कर्षों पर कार्रवाई करने में विफल रहने के लिए पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उसके पास चार साल से रिपोर्ट को दबाए रखने के अलावा कुछ नहीं है। उच्च न्यायालय ने कहा कि वह राज्य सरकार की “निष्क्रियता” से हैरान है और उसने पुलिस को “पूरी रिपोर्ट को देखने” और “रिपोर्ट में कोई अपराध पाए जाने पर कार्रवाई करने” का निर्देश दिया।

उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को सीलबंद रिपोर्ट एसआईटी को सौंपने का भी निर्देश दिया। केरल उच्च न्यायालय ने अपनी टिप्पणी में कहा, “राज्य सरकार अब तक निष्क्रिय क्यों थी, जबकि उसे 2019 में रिपोर्ट मिल गई थी? आपने 4 साल में हेमा समिति की रिपोर्ट को दबाए रखने के अलावा कुछ नहीं किया।”


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