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केरल उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि सड़कों के किनारे कोई भी पेड़ केवल इसलिए नहीं काटा जाए क्योंकि वे व्यावसायिक गतिविधियों में बाधा डालते हैं। उच्च न्यायालय ने कहा कि पेड़ों को केवल तभी काटा और हटाया जा सकता है जब वे क्षतिग्रस्त स्थिति में हों और इसके परिणामस्वरूप सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा हो। न्यायमूर्ति पी वी कुन्हिकृष्णन ने कहा कि इस संबंध में निर्णय सरकारी भूमि पर उगने वाले पेड़ों की कटाई और निपटान को विनियमित करने वाले 2010 के सरकारी आदेश के अनुसार गठित एक समिति द्वारा लिया जाना चाहिए। सड़क किनारे के पेड़ नहीं काटे जाएंगे: केरल हाईकोर्ट

25 May 2024 05:42AM,
by: Babuaa Desk