Thaneshwar sahu

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कोरबा : जिले के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले किसी भी विद्यार्थी को ऑनलाइन क्लासेस से वंचित नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही निजी विद्यालय कोरोना काल के लिए विद्यार्थियों से केवल शिक्षण शुल्क ही ले सकेंगे। अधिक शुल्क वसूलने या आॅनलाइन क्लासेस से वंचित करने पर स्कूल प्रबंधनों के विरूद्ध कार्रवाई होगी। जिला फीस समिति के सदस्यों और जिले के अशासकीय विद्यालयों के प्रबंधकों, अभिभावकों और नोडल अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक कलेक्टर सभा कक्ष में हुई। अपर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका महोबिया ने बैठक की अध्यक्षता की। बैठक मंे उच्च न्यायालय बिलासपुर के निर्णय अनुसार कोविड काल के लिए केवल शिक्षण शुल्क जमा करने की जानकारी अपर कलेक्टर ने दी। बैठक में बताया गया कि जिले में शुल्क में रियायत के लिए 723 आवेदन प्राप्त हुए थे जिनमें से निजी विद्यालयों ने 702 पालकों को परीक्षण के बाद शुल्क मे रियायत दी है। बैठक में स्कूलों और नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ऐसे पालक जिन्हें एक मुश्त शुल्क जमा करने में कठिनाई हो या शुल्क में रियायत चाहते हों, उनके आवेदनों पर सहानुभूति पूर्वक विचार कर निर्णय करें। बैठक में पालकों से भी यह आग्रह किया गया कि सक्षम पालक निर्धारित शुल्क जमा करें ताकि विद्यालय में पदस्थ शिक्षक और अन्य कर्मचारियों को वेतन देने में संस्था को परेशानी ना हो। बैठक में यह भी बताया गया कि उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार कोई भी निजी विद्यालय अपने कार्यरत किसी शिक्षक या कर्मचारी का वेतन ना तो रोकेगा ना ही कम करेगा।

25 Dec 2020 12:17PM,
by: Thaneshwar sahu
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 रायपुर : प्रदेश के नगरीय निकायों के अंतर्गत संचालित लगभग 322 गोठानों में तैयार होने वाले गौ काष्ठ और कण्डे का उपयोग अब दाह संस्कार के लिए किया जा सकेगा। नगरीय प्रशासन मंत्री डाॅ शिवकुमार डहरिया ने सभी नगरीय निकायों के अंतर्गत आने वाले दाह संस्कार/मुक्तिधाम स्थल पर गोठानों में निर्मित होने वाले गौ काष्ठ का उपयोग लकड़ी के स्थान पर दाह संस्कार के लिए करने की न सिर्फ अपील की है अपितु उन्होंने मुक्तिधाम सहित महत्वपूर्ण स्थानों पर गौ-काष्ठ की बिक्री रियायती दर पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं। नगरीय प्रशासन मंत्री की की इस पहल से गोठानों में गौ काष्ठ निर्माण में एक ओर जहा तेजी आएगी वहीं स्व-सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार के नए अवसर के साथ स्वावलंबी बनने का सुखद अवसर भी मिलेगा। सबसे खास बात यह भी है कि गौ-काष्ठ का उपयोग दाह संस्कार में होने से एक साल में लाखों पेड़ों की कटाई रूकेगी। इको-फ्रेण्डली दाह संस्कार से पर्यावरण का संरक्षण और स्वच्छ तथा प्रदूषण मुक्त शहर की संकल्पना भी साकार होगी। इको-फ्रेण्डली दाह संस्कार से लाखों पेड़ों की नहीं चढ़ेगी बलि

25 Dec 2020 11:04AM,
by: Thaneshwar sahu
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रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजनेता, वकील, साहित्यकार, दार्शनिक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और स्वतंत्र भारत के पहले गवर्नर जनरल भारतरत्न चक्रवर्ती राजगोपालाचारी की 25 दिसंबर को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी है। बघेल ने कहा कि राजगोपालाचारी जी ने स्वतंत्र भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान दिया। राजगोपालाचारी जी ने जात-पात के आडंबर का मुखर विरोध किया। उनके अथक प्रयासों से ही मंदिरों में दलितों का प्रवेश संभव हो सका। किसानों को कर्ज से राहत दिलाने का भी उन्होंने प्रयास किया। राजगोपालाचारी जी राजनीति के बाद साहित्य सेवा के लिए भी समर्पित रहे। उन्होंने कई भारतीय महाकाव्यों का अंग्रेजी में अनुवाद किया। श्री बघेल ने कहा कि राजगोपालाचारी का प्रखर और बहुमुखी व्यक्तित्व हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।

25 Dec 2020 07:19AM,
by: Thaneshwar sahu