DPR Chhattisgarh

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हाथ से बुने वस्त्रों के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने, हाथकरघा उद्योग से जुड़े बुनकरों के अमूल्य योगदान का सम्मान करने तथा स्वदेशी आंदोलन की भावना को आगे बढ़ाते हुए स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 07 अगस्त को राष्ट्रीय हाथकरघा दिवस मनाया जाता है। भारत की सांस्कृतिक विरासत में हाथकरघा का विशेष स्थान है। यह केवल वस्त्र निर्माण का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी परंपरा, कला, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। छत्तीसगढ़ में हाथकरघा उद्योग हजारों बुनकर परिवारों की आजीविका का आधार होने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। मशीन निर्मित वस्त्रों के बढ़ते प्रचलन के बीच हाथकरघा उद्योग का संरक्षण एवं संवर्धन अत्यंत आवश्यक है, जिससे पारंपरिक कला सुरक्षित रहे और लाखों बुनकरों की आजीविका को मजबूती मिल सके।

08 Aug 2026 10:16AM,
by: Babuaa Desk