01 Jul 2024

Generic placeholder image

 महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रायपुर के माना स्थित शासकीय नवीन वरिष्ठजन आश्रम एवं फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन सेंटर पहुंचकर किया औचक निरीक्षण की। वहां उन्होंने वृद्ध माताओं एवं दिव्यांग बच्चों से मिलकर उनका कुशल-क्षेम जाना। श्रीमती राजवाड़े ने आश्रम की वृद्ध माताओं को अपने हाथों से भोजन भी कराया। मंत्री राजवाड़े ने अधिकारियों को  निर्देश देते हुए कहा कि वृद्धजनों की सम्पूर्ण देखभाल की उत्तम व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही वृद्धाजनों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित स्वास्थ्य जाँच, उपचार एवं फिजियोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्हें समय-समय पर भ्रमण के लिए ले जाएं एवं उनके पसंद के अनुसार बागवानी तथा अन्य कौशल प्रशिक्षण प्रदान करें। फिजिकल रिफरल रिहैबिलिटेशन में बच्चों को उचित चिकित्सा एवं अन्य सुविधाएं समय-समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर विभाग एवं आश्रम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

01 Jul 2024 01:44PM,
by: Tikendra Sinha
Generic placeholder image


गौरेला पेण्ड्रा मरवाही जिला अपने प्राकृतिक सौंदर्य और लघु वनोपजों के लिए मशहूर है।  यहां के जंगलों में मौसमी फल जामुन, सीताफल , कटहल, मुनगा आदि भी बहुतायत रूप में उपलब्ध होते हैं। जामुन के फल से जिले की महिलाओं को काफी लाभ हो रहा है और वो इसके व्यवसाय से आत्मनिर्भर हो रही हैं और आर्थिक रूप से स्वावलंबन की दिशा में बढ़ रहीं है।
      
        छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत महिला स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती जानकी ओट्टी पेण्ड्रा जनपद पंचायत के एक छोटे से गांव पंडरीखार में रहती हैं। वर्ष 2016-17 में समूह से जुड़कर शैलपुत्री नाम का समूह गठन किया। उन्होंने समूह में अपनी सक्रियता दिखाते हुये आंगनबाडी में रेडी टू ईट का काम करने लगी इससे उनको महीने में 10 से 12 हजार रुपये की मासिक आय होने लगी। जिले में बारिश के मौसम में जामुन बहुत अधिक होता है। समूह की महिलाओं ने मिलकर जामुन इक्ट्ठा कर जिले से बाहर बिक्रय करने की ठानी। उन्हें एक कैरेट जामुन में 600 रुपये तक मिल जाता है। 

01 Jul 2024 01:44PM,
by: Tikendra Sinha