03 Aug 2023

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सरकारी स्कूलों में दिव्यांग बच्चे भी बड़ी संख्या में एडमिशन ले रहे हैं। इनकी जरूरतें भी विशेष होती हैं और इसके लिए इन्हें स्पेशल एजुकेटर से पढ़ाया जाए तो बच्चों के लिए काफी उपयोगी होगा ही, दिव्यांग युवाओं के लिए भी नौकरी के लिए नये अवसर पैदा होंगे। यह बात एक युवा सुष्मिता दिवाकर ने मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से बिलासपुर में आयोजित संभागस्तरीय भेंट मुलाकात कार्यक्रम में कही। सुष्मिता की बात की मुख्यमंत्री ने सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिव्यांगजनों के लिए बहुत सी पहल शासन ने की है। शासकीय स्कूलों में स्पेशल एजुकेटर नियुक्त करने का यह सुझाव अच्छा है। इस पर विचार करेंगे। सुष्मिता ने बताया कि जब हमें पता चला कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल युवाओं से बात करने बहतराई स्टेडियम पहुँचेंगे तो हमने निश्चय किया कि हम सब मुख्यमंत्री से मिलेंगे। हम लोगों को आशंका थी कि इतने लोगों के बीच में हमारी बात हो पाएगी की नहीं। फिर भी सौभाग्य से हमें अवसर मिल गया और हमने इसका जिक्र किया। सुष्मिता ने बताया कि प्रदेश में दिव्यांग बच्चों की संख्या 77 हजार 249 है। यहां प्रशिक्षित विशेष शिक्षकों की संख्या 1200 है। दिव्यांग बच्चों की आवश्यकता स्पेशल एजुकेटर ज्यादा बेहतर समझते हैं। उनके द्वारा दिये गये सुझावों से बच्चों की पढ़ाई और बेहतर हो सकेगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में दिव्यांग बच्चों के चिन्हांकन के लिए 21 प्रकार की दिव्यांगता चिन्हांकित की गई है और इसके अनुरूप दिव्यांग छात्र-छात्राओं का सर्वे किया गया है। दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के लिए स्पेशल एजुकेटर

03 Aug 2023 05:17AM,
by: Tikendra Sinha
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छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल का उद्देश्य शहरों के साथ दूरस्थ अंचल के ग्रामीण बच्चों को महानगरों की तर्ज पर अच्छी शिक्षा देना है। आज सरकारी अंग्रेज़ी माध्यम स्कूल के बच्चें भी फराटे दार अंग्रेजी बोल रहे। दुर्गम क्षेत्र जहां कभी स्कूल जाने के लिए मीलों सफर तय करना पड़ता था अब स्कूल स्वयं गांव तक पहुंच गई है। कोण्डागांव जिले के सुदूर अंचल में बसे मर्दापाल में पढ़ने वाली प्रियांशी को अब मीलों सफर तय करना नहीं पड़ता है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की घोषणा से गांव में ही मिल रही बच्चों को अंग्रेजी में अच्छी शिक्षा ऐसी ही एक कहानी है प्रियांशी साहू की। मर्दापाल गांव में ही आठवीं तक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में शिक्षा प्राप्त करके क्षेत्र में अंग्रेजी माध्यम स्कूल न होने के कारण उसका दाखिला बड़े भाई द्वारा कोण्डागांव के जामकोटपारा स्थिति स्वामी आत्मानंद स्कूल में करा दिया गया था।  प्रियांशी को अब पढ़ने के लिए मीलों सफर तय करना नहीं पड़ता

03 Aug 2023 05:16AM,
by: Tikendra Sinha