06 Jun 2026

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विकास की असली तस्वीर अक्सर उन दूरस्थ बस्तियों में दिखाई देती है, जहां सुविधाएं सीमित होती हैं, लेकिन सेवा का संकल्प असीमित। रायगढ़ जिले के आदिवासी बाहुल्य धरमजयगढ़ विकासखंड के दुर्गम वनांचल क्षेत्र में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कुन्तला तिर्की ने ऐसा ही उदाहरण प्रस्तुत किया है। कठिन पहाड़ी रास्तों, सीमित संसाधनों और परिवहन सुविधाओं के अभाव के बावजूद उन्होंने महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तक पहुंचकर न केवल उन्हें योजना की जानकारी दी, बल्कि उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया भी पूरी कराई। उनके अथक प्रयासों से 84 में से 83 महिलाओं की ई-केवाईसी सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकी।
धरमजयगढ़ के कापू परियोजना अंतर्गत आने वाला खम्हार सेक्टर जिला मुख्यालय से लगभग 120 किलोमीटर दूर स्थित है। इसी सेक्टर के रामपुरिया आंगनबाड़ी केंद्र तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। पहाड़ी और वन क्षेत्र से गुजरते हुए तीन से चार किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ता है। विशेष पिछड़ी जनजाति पण्डो और कोरवा समुदाय की आबादी वाले इस गांव में महतारी वंदन योजना के 84 हितग्राही पंजीकृत थे। योजना के तहत ई-केवाईसी पूर्ण करना आवश्यक था, लेकिन दूरस्थ भौगोलिक परिस्थितियों और तकनीकी सुविधाओं की कमी के कारण यह कार्य आसान नहीं था। ऐसे समय में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कुन्तला तिर्की ने जिम्मेदारी को केवल सरकारी दायित्व नहीं माना, बल्कि इसे महिलाओं तक शासन की योजना पहुंचाने का मिशन बना लिया।
उन्होंने गांव-गांव जाकर महिलाओं से संपर्क किया, उन्हें ई-केवाईसी की आवश्यकता समझाई और योजना के लाभों की जानकारी दी। कई बार उन्हें हितग्राहियों के साथ पैदल लंबी दूरी तय करनी पड़ी। अनेक महिलाओं को वे स्वयं अपने साथ लेकर लगभग दस किलोमीटर दूर खम्हार तक पहुंचीं, ताकि उनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी हो सके। जिन महिलाओं की प्रक्रिया तत्काल पूरी नहीं हो पाई, उन्हें बाद में धरमजयगढ़ ले जाकर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण कराईं। लगातार प्रयासों, धैर्य और समर्पण का परिणाम यह रहा कि 84 में से 83 हितग्राहियों की ई-केवाईसी समय पर पूरी हो गई। शेष एक हितग्राही के संबंध में भी आवश्यक प्रक्रिया जारी है। उन्होंने अपनी समर्पण भाव ने महतारी वंदन योजना के क्रियान्वयन को गति ही नहीं दी, बल्कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शासन की योजनाओं के प्रति लोगों का विश्वास को भी मजबूत किया है।
विशेष रूप से पण्डो और कोरवा समुदाय की महिलाओं में योजना के प्रति जागरूकता बढ़ी है। महिलाओं ने स्वयं आगे आकर योजना से जुड़ने में रुचि दिखाई, जिससे महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य को भी बल मिला है। कुन्तला तिर्की की यह कहानी दुर्गम पहाड़ियों और कठिन रास्तों के बीच उनकी यह सेवा भावना आज पूरे क्षेत्र के लिए प्रेरणा बन गई है।

06 Jun 2026 03:22PM,
by: Heera Motwani
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर शिकायतों की गंभीरता और समयसीमा में निराकृत कर वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।                              इसी क्रम में आवेदक पिंगल कुमार बघेल (41 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 05, छाल रोड, घरघोड़ा द्वारा प्रस्तुत शिकायत पत्र की जांच एसडीओपी धरमजयगढ़ श्री सिद्धांत तिवारी द्वारा की गई। जांच के आधार पर कल आवेदक की पत्नी, साले और ससुर के विरुद्ध चोरी, धोखाधड़ी एवं आपराधिक षड्यंत्र के आरोपों में थाना घरघोड़ा में अपराध दर्ज किया गया है। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए घरघोड़ा पुलिस ने आरोपी सीमा बघेल और उसके भाई कृष्ण कुमार यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। शिकायतकर्ता पिंगल कुमार बघेल ने बताया कि वह फेब्रिकेशन, सेंट्रिंग एवं मीडिया से संबंधित कार्य करता है। वर्ष 2008 में इसका विवाह श्रीमती सीमा यादव (सीमा बघेल) से हुआ है । व्यवसाय में आर्थिक प्रगति होने के बाद उसके ससुर भरतलाल यादव और साला कृष्ण कुमार यादव का उसके घर आना-जाना बढ़ गया। शिकायत के अनुसार वह प्रतिदिन अपने व्यवसाय से प्राप्त राशि अपनी पत्नी सीमा बघेल को सुरक्षित रखने के लिए सौंपता था। वर्ष 2014 में उसे संदेह हुआ कि व्यवसाय से प्राप्त राशि के अनुपात में घर में रकम उपलब्ध नहीं है। इस पर उसने घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाकर निगरानी शुरू की। शिकायत के अनुसार फुटेज देखने पर उसे पता चला कि उसकी पत्नी बिना उसकी जानकारी के आलमारी से रकम निकालकर अपने भाई कृष्ण कुमार यादव को दे रही थी। जांच के दौरान कृष्ण कुमार यादव के बैंक खाते के लेन-देन का अवलोकन करने पर लगभग 22 लाख रुपये के ट्रांजेक्शन पाए गए, जबकि वह बेरोजगार था।। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्ष 2022 में उसने तमनार क्षेत्र में अधिग्रहण योग्य भूमि खरीदने की योजना बनाई थी। उक्त भूमि पर भविष्य में करोड़ों रुपये के मुआवजे और नौकरी मिलने की संभावना थी। आरोप है कि इसी जानकारी का लाभ उठाते हुए ससुर भरतलाल यादव, साला कृष्ण कुमार यादव और पत्नी सीमा बघेल ने एक राय होकर उस पर दबाव बनाया और लगभग 13 लाख 50 हजार रुपये की भूमि सीमा बघेल के नाम पर रजिस्ट्री कराई। इसके बाद अन्य संपत्तियों को भी हड़पने के उद्देश्य से उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया । जांच में चोरी, धोखाधड़ी और गबन के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए एसडीओपी धरमजयगढ़ द्वारा की गई विस्तृत जांच में प्रथम दृष्टया यह पाया गया कि आरोपीगण श्रीमती सीमा बघेल, कृष्ण कुमार यादव और भरतलाल यादव ने एक राय होकर यह कार्य किया है। प्रतिवेदन के आधार पर दिनांक 03 जून 2026 को थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 188/2026 धारा 61(2), 49, 318(4), 303(2), 316(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पत्नी और साला गिरफ्तार, एक अन्य आरोपी की तलाश जारी थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में विवेचना के दौरान दिनांक 04 जून 2026 को आरोपी सीमा बघेल (41 वर्ष) निवासी वार्ड क्रमांक 05, छाल रोड, घरघोड़ा तथा कृष्ण कुमार यादव (39 वर्ष) निवासी पैलपारा वार्ड क्रमांक 14, सारंगढ़ को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने प्रकरण से संबंधित तथ्यों के संबंध में जानकारी दी। मामले में पर्याप्त साक्ष्य एवं सबूत पाए जाने पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। प्रकरण में नामजद एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी शेष है, जिसकी तलाश एवं गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।                                                           एसएसपी शशि मोहन सिंह                               धोखाधड़ी, गबन और आपराधिक षड्यंत्र जैसे अपराधों में शामिल व्यक्ति को कानून से बचने का मौका नहीं दिया जाएगा। पीड़ितों को न्याय दिलाना और आर्थिक अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना हमारी प्राथमिकता है।

06 Jun 2026 03:21PM,
by: Heera Motwani