06 Sep 2026

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जाति और शंकराचार्यों पर टिप्पणी: याचिकाकर्ता का आरोप था कि जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने यूट्यूब पर प्रसारित वीडियो में 'उपाध्याय' समुदाय को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। इसके साथ ही उन्होंने चारों शंकराचार्यों को "फर्जी" बताया था। भावनाएं आहत होने का दावा: याचिका में दावा किया गया कि इन बयानों से समाज में उनकी अवमानना हुई और सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। निचली अदालतों को नजरअंदाज करना: याचिकाकर्ता ने दलील दी कि उन्होंने अक्टूबर 2025 में वाराणसी के पुलिस कमिश्नर से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं राज्य सरकार के वकील ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने कभी स्थानीय थाने या मजिस्ट्रेट का दरवाजा नहीं खटखटाया।

06 Sep 2026 06:36AM,
by: Babuaa Desk