10 Dec 2024

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 दुनियां भर में मानव के विरुद्ध शोषण करने वाले देशों ने ही 1948में एक सार्वभौम घोषणा संयुक्त राष्ट्र संघ के जरिए की । दुनियां में मानव को व्यक्तिगत भलाई के साथ साथ सामुदायिक भलाई के लिए न केवल अधिकार मिलना चाहिए बल्कि उन अधिकारों की सुरक्षा भी होना चाहिए। एशियाई और अफ्रीकी देशों को छोड़कर शेष महाद्वीपों के महत्वाकांक्षी शासकों ने सारी दुनियां में मानव के शोषण में कोई कमी नहीं की। रंग भेद भले ही कागजों में है लेकिन अभी भी गोरे वर्ण के लोगों के द्वारा भेद तो किया जा रहा है। वर्ण भेद के अलावा संपन्न देश हो या लोग इनके द्वारा विपन्न लोगो का शोषण आज भी किया जा रहा है। अधिकार की सम्पन्नता ही सजगता है...

10 Dec 2024 02:23PM,
by: Babuaa Desk