20 Aug 2026
मणिपुर में 6 नागाओं की हत्या के विरोध में प्रदर्शन के दौरान तनाव की स्थिति पैदा हो गई। प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा बलों द्वारा रोके जाने के बाद झड़प की स्थिति बनी, जिसमें 10 लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
20 Aug 2026 01:09PM,by: Babuaa Desk
सुप्रीम कोर्ट ने एक पांच-सदस्यीय हाई-पावर्ड एक्सपर्ट कमेटी (HPEC) का गठन किया। यह कमेटी दिल्ली के जंतर-मंतर और अन्य राज्यों में NEET पेपर लीक के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स और अन्य सुरक्षा कर्मियों द्वारा अत्यधिक और ज़रूरत से ज़्यादा बल प्रयोग के आरोपों की जांच करेगी।
20 Aug 2026 12:41PM,by: Babuaa Desk
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र के लातूर स्थित उजनी गांव के एक जिला परिषद स्कूल का निरीक्षण करने के बाद राज्य के सरकारी स्कूलों की बदहाली पर कड़ा प्रहार किया है। 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत दीपके ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों में बच्चे बुनियादी सुविधाओं जैसे उचित कक्षाओं, बेंचों और शौचालयों के बिना पढ़ रहे हैं और उन्हें जानवरों से भी बदतर स्थिति में रखा जा रहा है।उन्होंने महाराष्ट्र के स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भूसे के इस्तीफे की मांग की और मंत्रियों व विधायकों को अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने की चुनौती दी।
20 Aug 2026 11:28AM,by: Babuaa Desk
नई दिल्ली में आयोजित द्विपक्षीय रक्षा वार्ता के दौरान भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके जापानी समकक्ष शिंजीरो कोइज़ुमी ने एक ऐतिहासिक 'समुद्री सुरक्षा समझौते' पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसका मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में 'फ्री एंड ओपन' समुद्री व्यवस्था को बनाए रखना और दोनों देशों की नौसेनाओं के बीच रणनीतिक व परिचालन सहयोग को गहरा करना है। भारत और जापान ने समुद्री सुरक्षा समझौते पर लगाई मुहर
20 Aug 2026 11:28AM,by: Babuaa Desk
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा राजनीतिक हमला करते हुए कहा कि ये दोनों नेता "खत्म" हो चुके हैं। राहुल गांधी ने बैठक में कहा कि एकता कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है और पार्टी को एकजुट रहना चाहिए तथा अपनी विचारधारा पर मजबूती से डटे रहना चाहिए।
20 Aug 2026 11:28AM,by: Babuaa Desk
शिशु जीवन का वह नाजुक चरण है, जहाँ सही पोषण और स्वास्थ्य देखभाल उनके भविष्य की दिशा तय करती है। भारत जैसे विकासशील देश में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों में कुपोषण, एनीमिया और विभिन्न संक्रामक बीमारियों की दर को कम करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं महिला-बाल विकास विभाग द्वारा 'शिशु संरक्षण माह' का आयोजन किया जाता है। यह एक विशेष स्वास्थ्य अभियान है, जो नवजात और छोटे बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए एक मजबूत कवच का कार्य करता है। बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए चलाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण अभियान है। छत्तीसगढ़ राज्य में इस अभियान का नया चरण 18 अगस्त 2026 से शुरू हो गया है, जिसके तहत 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों की विशेष देखभाल की जा रही है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य
इस विशेष माह को मनाने का प्राथमिक लक्ष्य बाल मृत्यु दर और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर में कमी लाना है। इसके साथ ही, बच्चों में समय पर बीमारियों की पहचान करना, उन्हें आवश्यक विटामिन और खनिज प्रदान करना, तथा माताओं को सही पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना इस अभियान के प्रमुख उद्देश्य हैं।
प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं और गतिविधियाँ
शिशु संरक्षण माह के दौरान गांव-गांव और शहरों में स्वास्थ्य केंद्रों व आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से सेवाएं प्रदान की जाती हैं:
• विटामिन 'ए' का अनुपूरण: 9 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को रतौंधी (Night Blindness) जैसी आंखों की बीमारियों से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन 'ए' की खुराक दी जाती है।
• एनीमिया से बचाव 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों को खून की कमी (एनीमिया) से सुरक्षित रखने हेतु आयरन एवं फॉलिक एसिड (IFA) सिरप का वितरण किया जाता है।
• पूर्ण टीकाकरण: जिन बच्चों के नियमित टीके छूट गए हैं, उन्हें खसरा, रुबेला, पोलिया, काली खांसी और टिटनेस जैसी घातक बीमारियों से बचाने के लिए टीकाकृत किया जाता है।
• कुपोषण की पहचान व उपचार: आंगनवाड़ी स्तर पर सभी बच्चों का वजन और लंबाई नापकर गंभीर रूप से कुपोषित और मध्यम कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया जाता है। आवश्यकता पड़ने पर गंभीर बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र भेजा जाता है।
• दस्त नियंत्रण और ओआरएस वितरण: बच्चों में डिहाइड्रेशन रोकने के लिए माताओं को ओआरएस पैकेट और जिंक की गोलियां दी जाती हैं।
जागरूकता एवं परामर्श सत्र
केवल दवाएं देना ही इस अभियान का हिस्सा नहीं है, बल्कि माताओं और परिवारों का व्यवहार परिवर्तन भी इसका महत्वपूर्ण अंग है:
• स्तनपान का महत्व: जन्म के तुरंत बाद (1 घंटे के अंदर) मां का पहला गाढ़ा पीला दूध (कोलस्ट्रम) और शुरुआती 6 माह तक केवल स्तनपान कराने के लिए माताओं को प्रेरित किया जाता है।
• ऊपरी आहार की शुरुआत: 6 माह की आयु पूरी होने के बाद बच्चे को स्तनपान के साथ-साथ सही मात्रा और गुणवत्ता वाला पूरक आहार (ऊपरी आहार) देने की सलाह दी जाती है। 6 से 12 महीने की उम्र के बीच, आपका शिशु पौष्टिक ठोस आहार खाना शुरू कर देगा, लेकिन माँ का दूध फिर भी पोषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना रहेगा। जब आपका शिशु माँ का दूध या फार्मूला दूध पीना छोड़ दे, तो उसे धीरे-धीरे और धैर्य से खिलाएँ। उसे नए स्वाद चखने दें, लेकिन ज़बरदस्ती न करें। जब आपका बच्चा ठोस आहार खाना शुरू करे, तो उसे भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर खाने से रोकें ताकि वह गले में न अटके।
• अपने शिशु के मस्तिष्क के विकास में मदद करने के लिए उसे पढ़ें, उससे बातें करें और उसके लिए गाएं।
• अपने शिशु को सोने के पर्याप्त अवसर प्रदान करें - 4 से 12 महीने के शिशुओं के लिए अनुशंसित नींद की मात्रा प्रतिदिन 12 से 16 घंटे (24 घंटे की अवधि में, झपकी सहित) है।
• शिशु को सक्रिय रखना उसके विकास के लिए महत्वपूर्ण है। दिन भर उसके हाथ-पैर हिलाते रहने के लिए उसके साथ शारीरिक गतिविधियाँ करें। ज़मीन पर बैठकर हिलने-डुलने से शिशु मजबूत बनता है और साथ ही वह दुनिया को समझने और जानने की कला सीखता है।
• स्वच्छता व सैनिटेशन: हाथ धोने की सही आदत और बच्चे की देखभाल में साफ-सफाई के महत्व पर चर्चा की जाती है, जिससे संक्रमण से बचाव संभव हो सके।
• शिशु को सक्रिय रखना उसके विकास के लिए महत्वपूर्ण है। दिन भर उसके हाथ-पैर हिलाते रहने के लिए उसके साथ शारीरिक गतिविधियाँ करें। ज़मीन पर बैठकर हिलने-डुलने से शिशु मजबूत बनता है और साथ ही वह दुनिया को समझने और जानने की कला सीखता है।
• शिशु को बांधकर रखने वाले उपकरण उसके विकास में बाधा डाल सकते हैं। शिशु को झूले, स्ट्रोलर, बाउंसिंग सीट, एक्सरसाइज़ सॉसर या अन्य किसी भी बांधकर रखने वाले उपकरण में लंबे समय तक न रखें। उन्हें बाहर निकालें और घूमने-फिरने दें।
शिशु संरक्षण माह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हर परिवार और समाज के लिए अपने बच्चों के प्रति जिम्मेदारी का अहसास कराने वाला समय है। जब समाज का हर वर्ग—स्वास्थ्य कार्यकर्ता, मितानिन/आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अभिभावक—एक साथ मिलकर प्रयास करेंगे, तभी हम एक स्वस्थ, कुपोषण-मुक्त और सशक्त पीढ़ी का निर्माण कर सकेंगे। शिशु संरक्षण माह: स्वस्थ बचपन और सुरक्षित भविष्य का आधार
20 Aug 2026 10:59AM, by: Babuaa Desk
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