21 Feb 2024

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राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंक राम वर्मा के विभागों के लिए 3608 करोड़ 47 लाख 81 हज़ार रुपए की अनुदान मांगे छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज सर्वसम्मति से पारित की गई। इनमें भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन के लिए 2072 करोड़ 16 लाख 69 हजार रुपए, राजस्व विभाग से संबंधित व्यय के लिए 30 करोड़ 23 लाख 22 हज़ार रुपए, प्राकृतिक आपदाओं एवं सूखाग्रस्त क्षेत्रों में राहत पर व्यय के लिए 1433 करोड़ 38 लाख 73 हज़ार रुपए और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 72 करोड़ 69 लाख 17 हज़ार रुपए शामिल है। अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की मांगों से विभागीय मंत्री को अवगत कराया और सुझाव भी दिए। अनुदान मांगों पर चर्चा का जवाब देते हुए राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने मुंगेली जिले के चकरभाठा और बिलासपुर जिले के तखतपुर विकासखंड के सकर्रा में उप तहसील कार्यालय खोलने की घोषणा की। *भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन* राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने भू-राजस्व तथा जिला प्रशासन की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि राजस्व विभाग भूमि संबंधी अभिलेखों का संधारण करता है, वहीं शासन की सभी योजनाओं का क्रियान्वयन एवं उसे आम जनता तक पहुंचाने का काम राजस्व विभाग के माध्यम से किया जाता है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में हमारी सरकार आम जनता की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें अधिक से अधिक सुविधाएं पहुंचाने विभागीय नियमों व प्रक्रियों में लगातार सुधार एवं उन्नयन करते हुए नवीन तकनीक का उपयोग कर रही है। इसके लिए बजट में अनेक प्रावधान किए गए हैं। श्री वर्मा ने सदन में कहा कि ऑनलाइन नागरिक सुविधाओं के लिए अभिलेखों के दुरुस्तीकरण, हस्ताक्षरयुक्त खसरा एवं बी-1 डिजिटल कापी, ई-कोर्ट में विचाराधीन प्रकरणों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार गरीबों और मजदूरों के कल्याण के लिए संकल्पबद्ध है। हमारी सरकार ने दीनदयाल उपाध्याय कृषि कल्याण के लिए 500 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना के तहत पंजीकृत किसानों को 10 हजार रूपए वार्षिक दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पटवारी नक्शों के जियोरिफ्रेसिंग कार्य के लिए 25 करोड़ का प्रावधान किया गया है। भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया के सरलीकरण के लिए 2 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। नगरीय क्षेत्रों के ग्रामों में चांदा-मुनारा के लिए 16 करोड़ रूपए, प्रदेश के सभी तहसील कार्यालयों में कम्प्यूटर, प्रिंटर आदि के लिए 115 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान किया गया है। नवगठित अनुविभागों एवं तहसीलों के कार्यालय भवन हेतु 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के जवाब में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय की नेतृत्व वाली हमारी सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित पीड़ितों के हितों की भी चिंता की है। वर्ष 2024-25 के बजट में राज्य आपदा मोचननिधि के लिए 533 करोड़ 60 लाख रुपए तथा राष्ट्रीय आपदा मोचन निधि के लिए 50 करोड़ रुपए, राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि के लिए 133 करोड़ 40 लाख रूपए, निर्देशन व प्रशासन के लिए 3.26 करोड़ रूपए तथा आपदाओं का विश्लेषण एवं योजना तैयार करने के लिए 58 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है। *खेल एवं युवा कल्याण विभाग* खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री वर्मा ने विभागीय अनुदान मांगों की चर्चा के उत्तर में कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में हमारी सरकार युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में ओलंपिक खेलों को प्रोत्साहन और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़िया क्रीड़ा प्रोत्साहन योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए 20 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। कला, साहित्य, खेल एवं समाज सेवा के क्षेत्र में युवाओं के योगदान को प्रोत्साहित करने के लिए युवा रत्न सम्मान योजना हेतु एक करोड़ 50 लाख रूपए, छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की आवासीय खेल अकादमी प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए 10 करोड़ 65 लाख से अधिक की राशि प्रावधानित है। राज्य युवा महोत्सव के लिए 4 करोड़ रूपए, ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता के लिए एक करोड़ 40 लाख रूपए, महिला खेलकूद प्रतियोगिता के लिए एक करोड़ रूपए, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए एक करोड़ रूपए, छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण के लिए एक करोड़ रूपए, युवा कल्याण गतिविधियों के लिए 3 करोड़ रूपए, खिलाड़ियों को प्रोत्साहन के लिए 2 करोड़ 85 लाख रूपए, राज्य स्तरीय खेल पुरस्कारों के लिए 5 करोड़ रूपए, खेल संघों एवं संस्थाओं को अनुदान के लिए 2 करोड़ रूपए का प्रावधान इस बजट में किया गया है।

21 Feb 2024 02:11PM,
by: Tikendra Sinha
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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने सरकार को ललकारते हुए कहा कि या तो सुधर जाए, नहीं तो दिल्ली भी आ सकते हैं. उन्होंने हरियाणा के शंभू बॉर्डर की तुलना पाकिस्तान बॉर्डर से की. लाव-लश्कर के साथ मेरठ कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कील कांटे लगाकर शंभू बॉर्डर के हालात ही ऐसे बना दिए हैं. राकेश टिकैत ने कहा कि किसान कई फाड़ है, इसका भी नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने ये भी कहा कि 14 मार्च को दिल्ली की कॉल है, लेकिन उस दिन ट्रैक्टर से नहीं जाएंगे. 26 और 27 फरवरी को हाइवे पर ट्रैक्टर खड़े करके विरोध जताने की को बात थी. उस पर टिकैत ने कहा कि प्रस्ताव एसकेएम को भेज दिया था और कल 40 संगठनों की बैठक है. वहां फाइनल होगा क्या करना है, लेकिन आंदोलन बड़ा होगा. सुधर जाएं, नहीं तो दिल्ली भी आ सकते है - राकेश टिकैत..

21 Feb 2024 01:03PM,
by: Vinay Jha