27 Jan 2023

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हम स्वावलंबी गांव तथा गांव को सक्षम गणराज्य बनाने का सपना देखने वाले अपने पुरखों महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू की उम्मीदों पर खरे उतर रहे हैं। हजारों गौठान जब ‘रूरल इंडस्ट्रियल पार्क’ के रूप में गांवों में ही गोबर से बिजली बनाएंगे, पेंट सहित विभिन्न आवश्यक चीजों का उत्पादन करेंगे, तेल मिल, दाल मिल, आटा मिल, मिनी राइस मिल जैसी हजारों छोटी-छोटी औद्योगिक इकाइयों को चलाएंगे तो इससे हमारे गांवों में जो ताकत पैदा होगी, उसका अनुमान लगाकर मैं असीम आनंद की अनुभूति करता हूं। मैं इसे अपने सार्वजनिक जीवन और अपनी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल करता हूं।  राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना हो रहा पूरा

27 Jan 2023 01:09AM,
by: Babuaa Desk
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मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी केन्द्रों की संख्या पहले मात्र 1899 थी, जो अब बढ़ाकर 2497 कर दी गई है। इसके अलावा बारदाने की कमी, टोकन, तौल, भुगतान जैसी समस्याओं के कारण किसानों को मंडी में बेहद अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ता था। हमने आॅनलाइन टोकन शुरू किया और ऐसे अनेक इंतजाम किए, जिससे धान खरीदी बहुत ही सम्मानजनक, शांति और व्यवस्थित तरीके से हो पाई। इस तरह सुविधाएं देने के कारण हम देश में सर्वाधिक किसानों का धान खरीदने वाले राज्य भी बने हैं। हमने संग्रहित धान को सीधे मिलिंग के लिए भेजने की नई व्यवस्था की, जिससे धान के नुकसान पर अंकुश लगा, वहीं मिलिंग क्षमता बढ़ने से हम केन्द्रीय पूल में सबसे ज्यादा चावल देने वाले राज्य बन गए हैं।

27 Jan 2023 01:09AM,
by: Babuaa Desk
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि हमने मात्र चार वर्षों में धान खरीदी को 56 लाख 88 हजार मीटरिक टन से बढ़ाकर एक करोड़ मीटरिक टन से अधिक पहुंचा दिया और हर वर्ष एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि के पीछे कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का हाथ रहा है। उदाहरण के लिए चार साल पहले समर्थन मूल्य पर धान बेचने वाले किसानों के हताश होने के कारण मात्र 15 लाख 77 हजार किसानों ने पंजीयन कराया था जो अब बढ़कर 25 लाख हो गया है। धान बेचने के लिए पहले पंजीकृत रकबा मात्र 24 लाख 46 हजार हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 32 लाख से अधिक हो गया है।  धान खरीदी में हर वर्ष बन रहे कीर्तिमान : मुख्यमंत्री

27 Jan 2023 01:09AM,
by: Babuaa Desk
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हमने अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित जाति व अन्य पिछड़ा वर्ग के विकास के लिए नए-नए उपाय किए हैं। ‘आदर्श छात्रावास योजना‘, ‘एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय योजना‘, ‘शिष्यवृत्ति योजना‘, ‘छात्र भोजन सहाय योजना‘, ‘राजीव युवा उत्थान योजना‘, ‘राजीव गांधी बाल भविष्य सुरक्षा योजना‘, ‘जवाहर विद्यार्थी उत्कर्ष योजना‘ जैसे अनेक प्रयासों में सहायता राशि, हितग्राहियों की संख्या तथा सुविधाओं में लगातार बढ़ोतरी किए जाने से विद्यार्थियों में नई आशा और विश्वास जागा है। ‘राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव’, ‘विश्व आदिवासी दिवस’ पर सार्वजनिक अवकाश व ‘शहीद वीर नारायण सिंह संग्रहालय’ जैसी पहल से इन वर्गों का गौरव और आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद मिली है। सभी वर्गाें के विकास के नये-नये उपाय : मुख्यमंत्री

27 Jan 2023 01:09AM,
by: Babuaa Desk
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मुख्यमंत्री ने कहा कि लघु धान्य या मिलेट्स की ज्यादातर खेती वन अंचलों में की जाती है लेकिन उचित दाम व विपणन सुविधाओं के अभाव में इसका लाभ आदिवासी तथा ग्रामीण जनता को नहीं मिल पाता था। हमने मिलेट्स के साथ इसकी खेती करने वाले किसानों को भी मान दिलाया है। कोदो, कुटकी, रागी खरीदी के लिए समर्थन मूल्य घोषित किया, इसे ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ से भी जोड़ा गया है। ‘छत्तीसगढ़ मिलेट्स मिशन’ का गठन किया। 14 जिलों में मिलेट्स की उत्पादकता सहित आवश्यक शोध व अनुसंधान हेतु एम.ओ.यू. किया गया। मुझे विश्वास है कि मिलेट्स को लेकर देश और दुनिया में जो सकारात्मक वातावरण बना है, उसका लाभ छत्तीसगढ़ के आदिवासियों और किसानों को दिलाने के लिए हमने सही समय पर सही कदम उठा लिया है। कोदो, कुटकी, रागी की समर्थन मूल्य पर खरीदी : मुख्यमंत्री

27 Jan 2023 01:09AM,
by: Babuaa Desk
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मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमने सिर्फ चार वर्षों में वन अधिकार पत्रों के तहत दी गई भूमि को 11 लाख से बढ़ाकर 40 लाख हेक्टेयर कर दिया। सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र तथा नगरीय क्षेत्र में वन अधिकार पत्र देने की पहल प्रदेश एवं देश में पहली बार हमने की। इस तरह अनेक प्रयासों से हमने 5 लाख से अधिक परिवारों को अनिश्चितता से उबारा, रोजगार और विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाया है। हमने विभिन्न जनहितकारी योजनाओं के लिए वन अधिकार पत्र धारियों को पात्रता दी है। वन अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु 13 हजार 586 ग्रामस्तरीय वन अधिकार समिति के साथ उपखंड एवं जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इसी तरह विशेष रूप से कमजोर जनजातियों को पर्यावास का अधिकार देने की शुरुआत भी हमने धमतरी जिले से की है। 

27 Jan 2023 01:09AM,
by: Babuaa Desk