छत्तीसगढ़ एक कृषि प्रधान राज्य है। हरियाली अमावस्या को मनाया जाने वाला हरेली त्यौहार का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव देखा जा सकता है। हरेली के दिन किसान भाई नांगर (हल) एवं कृषि औजार की पूजा करते हैं, जो हमारे छत्तीसगढ की कृषि प्रधान संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। वहीं दूसरी ओर देखा जाए तो हरेली पर्व का महत्व धरती को हरा-भरा बनाये रखने के लिए पेड़-पौधे की महत्ता को भी प्रदर्शित करता है। पर्यावरण के संरक्षक का पर्व हरेली
04 Aug 2024 09:38AM,by: Babuaa Desk
मलखंभ के युवाओं ने आज हरेली पर्व पर मुख्यमंत्री निवास में रोमांचक प्रदर्शन कर रहे हैं। मलखंभ शारीरिक फुर्ती के साथ मनोरंजन का भी अनोखा खेल है। जब इन खिलाड़ियों ने अपना जौहर दिखाया तो लोगों ने दांतों तले उंगली दबा ली। गौरतलब है कि नारायणपुर के मलखंभ खिलाड़ियों का लोहा पूरे देश ने माना है और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार इसे आगे बढ़ाने के लिए काफी कार्य कर रही है। हरेली त्यौहार पर मलखंभ का रोमांचक प्रदर्शन
04 Aug 2024 07:22AM,by: Babuaa Desk
छत्तीसगढ़ एक ऐसा प्रदेश है जहां हर एक अवसर और कार्यों के लिए विशेष प्रकार के उपकरणों एवं वस्तुओं का उपयोग किया जाता रहा है। इस चित्र में पारंपरिक वस्तुओं को एक ही जगह पर दिखाया गया। जो कि छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहर का हिस्सा है। इनमें - एक चित्र: छत्तीसगढ़ की प्राचीन धरोहरों का संकलन
04 Aug 2024 07:22AM,by: Babuaa Desk
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