रायपुर

Generic placeholder image

रायपुर 29 अप्रैल 2026// मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर लगाम कसने के लिए तकनीक और नवाचार का सहारा लेते हुए एक बड़ी और निर्णायक पहल की है। इसी कड़ी में अब खनन क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी की शुरुआत कर दी गई है, जो राज्य में कानून व्यवस्था, खनिज संसाधन की सुरक्षा तथा राजस्व संरक्षण की दिशा में अहम कदम साबित हो रहा है।
              राज्य सरकार की स्पष्ट मंशा है कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को जड़ से खत्म किया जाए। आधुनिक तकनीकों के उपयोग से अब खनन क्षेत्रों में रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी, जिससे अवैध उत्खनन, परिवहन और संबंधित गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी। यह कदम न केवल राजस्व हानि को रोकेगा, बल्कि अवैध कारोबार में लिप्त तत्वों के लिए कड़ा संदेश भी साबित होगा। खनिज विभाग का मैदानी अमला पहले से ही अवैध खनन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर रहा था, लेकिन अब ड्रोन तकनीक के जुड़ने से इस कार्रवाई की गति और सटीकता दोनों बढ़ेंगी। ड्रोन से लगभग 5 किलोमीटर तक की रेंज और 120 मीटर तक ऊंचाई से निगरानी की क्षमता के चलते बड़े और दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। ड्रोन के माध्यम से संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान कर मौके पर कार्रवाई की जा सकेगी, जिससे अवैध गतिविधियों में संलिप्तों के बच निकलने की संभावना लगभग समाप्त हो जाएगी। 
              खनिज विभाग के अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन में उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरा, नाइट विजन और एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जो व्यापक और सटीक निगरानी सुनिश्चित करती हैं। इसके जरिए बड़े और दुर्गम खनन क्षेत्रों पर भी आसानी से नजर रखी जा सकती है।
यह पहल स्पष्ट संकेत देती है कि राज्य सरकार अवैध खनन के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है। सरकार का यह साहसिक निर्णय न केवल कानून का सख्ती से पालन सुनिश्चित करेगा, बल्कि खनिज संसाधनों के संरक्षण और पारदर्शी राजस्व व्यवस्था को भी मजबूत करेगा। ड्रोन निगरानी की यह नई व्यवस्था राज्य में सुशासन और तकनीकी नवाचार का मजबूत उदाहरण बनकर उभर रही है।
         इसी कड़ी में 29 अप्रैल 2026 को जिला कांकेर के तहकापार रेत खदान क्षेत्र में ड्रोन तकनीक का उपयोग करते हुए सघन निगरानी और छापामार कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों एवं उपकरणों की पहचान की गई। ड्रोन निगरानी शुरू होते ही अवैध गतिविधियों में शामिल लोग अपने वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए।
इसके बाद केंद्रीय उड़नदस्ता दल और कलेक्टर (खनिज शाखा) के निर्देशन में कार्रवाई करते हुए महानदी के किनारे भूईगांव की सीमा पर विशेष अभियान चलाकर एक चेन माउंटेन पोकलेन मशीन जेसीबी (215 एलसी) तथा एक हाईवा (क्रमांक CG08AV0975) जब्त किया गया।

29 Apr 2026 02:14PM,
by: Mahak Qureshi
Generic placeholder image

रायपुर, 29 अप्रैल 2026/ राष्ट्रीय महत्व का व्यापक अभियान जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का फील्ड कार्य 01 मई से 30 मई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस संबंध में तैयारियों, व्यवस्थाओं एवं क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों, नगर निगम आयुक्तों एवं प्रमुख जनगणना अधिकारियों के साथ की गई।
बैठक में गृह विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। जनगणना निदेशक श्री कार्तिकेय गोयल ने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का व्यापक अभियान है, जिसके माध्यम से देश की जनसंख्या, आवासीय स्थिति एवं सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का सटीक आकलन किया जाता है, तथा मकान सूचीकरण एवं गणना इसकी आधारशिला है।

29 Apr 2026 02:14PM,
by: Mahak Qureshi